हाल ही में रिलीज हुई फिल्म छावा में मुगल शासक औरंगजेब के बारे में बताया गया है। ऐसे में आप औरंगजेब का मकबरा देखने का प्लान कर सकते हैं जिसका इतिहास काफी दिलचस्प और पुराना है।
दिल्ली से राज करने वाले औरंगजेब का मकबरा औरंगाबाद के खुल्दाबाद में है। ये मकबरा बेहद सरलता से बनाया गया है। यहां केवल मिट्टी है। सफेद चादर से ढके हुए मकबरे की कब्र के ऊपर एक पौधा लगाया गया है।
कहा जाता है कि औरंगजेब ने आदेश दिया था कि उसकी कब्र बेहद सादी होनी चाहिए। इसके उपर छत ना हो और इसे सब्जे के पौधे से ढका होना चाहिए। औरंग ने अपनी वसीयत में लिखा था कि उसकी कब्र उसके गुरु सूफी संत सैयद जैनुद्दीन के पास ही होनी चाहिए।
घूमने-फिरने के दौरान आपको यहां भद्र मारुति मंदिर के दर्शन करने भी जाना चाहिए। यहां कई सूफी-संतों के स्थान भी हैं। खुल्दाबाद को पहले पृथ्वी पर स्वर्ग भी कहा जाता था।
बता दें कि औरंगजेब का मकबरा इस समय ASI के संरक्षण में है। ये एक राष्ट्रीय स्मारक है जिसे देखने दूर-दूर से पर्यटक इस क्षेत्र की यात्रा करते हैं।
खुल्दाबाद पहुंचने के लिए आपको औरंगाबाद रेलवे स्टेशन या फिर औरंगाबाद एयरपोर्ट आना होगा। इसके बाद टैक्सी, ऑटो, या बस के माध्यम से आप गंतव्य पर पहुंच सकते हैं।