मछली की जगह तैरते हैं कंकाल, 83 साल से नहीं सुलझी है कहानी, तुम भी जाकर देख आओ

Roopkund Skeleton Lake: झील के किनारे बैठकर मनमोहक नजारों का लु्त्फ उठाना पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है। लेकिन, क्या होगा अगर झील में मछलियों की जगह आपको नर कंकाल तैरते हुए दिख जाएं? उत्तराखंड में एक ऐसी ही झील है जिसका नजारा आपको हैरान कर सकता है।

Authored by: प्रभात शर्माUpdated May 9 2025, 08:15 IST
​कंकालों की झील​Image Credit : Instagram01 / 06

​कंकालों की झील​

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित कंकालों की झील के नाम से फेमस रूपकुंड झील की यात्रा आपको हैरान कर सकती है। समुद्र तल से लगभग 5,029 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस झील में सैकड़ों मानव कंकाल पाए जा चुके हैं।

​1942 में हुई थी खोज​Image Credit : Instagram02 / 06

​1942 में हुई थी खोज​

इस झील की खोज 1942 में गश्त के दौरान एक ब्रिटिश वन रेंजर द्वारा की गई थी। कंकालों की झील में बर्फ के नीचे और उसके आस-पास अवशेष बिखरे हुए हैं।

​अधिकांश समय रहती है जमी​Image Credit : Instagram03 / 06

​अधिकांश समय रहती है जमी​

झील साल के अधिकांश समय जमी रहती है। हालांकि, जब बर्फ पिघलती है, तब कंकाल दिखाई देते हैं। आज तक, यहां अनुमानित 600-800 लोगों के कंकाल के अवशेष पाए गए हैं। स्थानीय सरकार इसे मिस्ट्री लेक के रूप में वर्णित करती है।

​बड़ा सवाल​Image Credit : Instagram04 / 06

​बड़ा सवाल​

ये लोग कौन थे? उनकी मृत्यु कब हुई? उनकी मृत्यु कैसे हुई? वे कहां से आए थे? एक पुरानी मान्यता के अनुसार ये अवशेष एक भारतीय राजा, उनकी पत्नी और उनके सेवकों के हैं, जो लगभग 870 साल पहले एक बर्फानी तूफान में मारे गए थे।

​कंकालों का अध्ययन​Image Credit : Instagram05 / 06

​कंकालों का अध्ययन​

कंकालों के पहले के अध्ययनों से पता चला है कि मरने वाले ज्यादातर लोग लंबे थे औसत कद से ज्यादा। उनमें से ज्यादातर मध्यम आयु वर्ग के वयस्क थे, जिनकी उम्र 35 से 40 के बीच थी। कोई शिशु या बच्चे नहीं थे। उनमें से कुछ बुजुर्ग महिलाएं थीं। सभी का स्वास्थ्य काफी अच्छा था।

​रूपकुंड झील का रास्ता​Image Credit : Instagram06 / 06

​रूपकुंड झील का रास्ता​

सबसे पहले ऋषिकेश या काठगोदाम पहुंचें इसके बाद ऋषिकेश/काठगोदाम से लोहारजंग तक टैक्सी या बस से पहुंचा जा सकता है। लोहारजंग से रूपकुंड तक 30-35 किमी ट्रेकिंग मार्ग है। लोहारजंग- गैरोलीपाटा- बेदनी बुग्याल- पातर नचौनी- भगुवा बासा- रूपकुंड झील।

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