आइए जानते हैं देश के उन चुनिंदा शहरों के बारे में, जहां की दिवाली अपनी पुरानी परंपराओं और अनूठे रीति-रिवाजों के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है:
दीपावली का असली उत्सव भगवान राम की नगरी अयोध्या में देखने को मिलता है। साल 2017 से शुरू हुआ यहां का 'दीपोत्सव' अब पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। हर साल सरयू नदी के घाटों पर लाखों दीये जलाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जाता है, जिसे देखने दूर-दूर से लोग आते हैं।
बनारस में दिवाली का रंग बिल्कुल आध्यात्मिक और शांत होता है। शाम ढलते ही जब गंगा के घाटों पर हजारों दीप जलाए जाते हैं और भव्य गंगा आरती होती है, तो पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है।
गुलाबी शहर जयपुर की दिवाली अपनी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां हवा महल से लेकर जोहरी बाजार तक पूरा बाज़ार रोशनी से दुल्हन की तरह सज जाता है। ऊंचे नाहरगढ़ किले से पूरे जगमगाते शहर को देखना अपने आप में एक अद्भुत अनुभव होता है।
पंजाब में एक लोकप्रिय कहावत है- दाल रोटी घर दी और दीवाली अमृतसर दी। दीवाली पर स्वर्ण मंदिर को बेहद भव्य तरीके से सजाया जाता है। इस दिन सिख समुदाय 'बंदी छोड़ दिवस' मनाता है, क्योंकि इसी दिन सिखों के छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी मुगल कैद से 52 हिंदू राजाओं को रिहा करवाकर अमृतसर लौटे थे।
पूरे देश में जहां दिवाली के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, वहीं पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में इस दिन मां काली की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन यहां भव्य काली पूजा के बड़े-बड़े पंडाल सजाए जाते हैं। रातभर मां काली की आराधना होती है और बंगाली परंपरा के अनुसार विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं, जिन्हें देखने के लिए भारी भीड़ जुटती है।