अनन्या पांडे की बहन फिर बनेंगी मम्मी, सेकंड टाइम मॉम्स नोट करें खास टिप्स​

अनन्या पांडे की बहन अलाना पांडे ने हाल ही में अपनी दूसरी प्रेगनेंसी का अनाउंसमेंट किया है। दूसरी बार मां बनना पहली प्रेग्नेंसी से थोड़ा अलग अनुभव हो सकता है। जानिए सेकंड टाइम मॉम्स के लिए काम आने वाली सात आसान और जरूरी बातें।

Authored by: Avni BagrolaUpdated Aug 13 2026, 10:29 IST
शरीर के संकेतों को हल्के में न लेंImage Credit : Instagram/Canva01 / 07

शरीर के संकेतों को हल्के में न लें

अलाना पांडे दूसरी बार मां बनने वाली हैं, इससे पहले उन्होने 2024 में बेटे रिवर को वेलकम किया था। ऐसे में समझना जरूरी है कि, दूसरी प्रेग्नेंसी में पिछला अनुभव मददगार जरूर होता है, लेकिन हर गर्भावस्था अलग हो सकती है। थकान, दर्द, चक्कर या कोई असामान्य बदलाव लगातार महसूस हो तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से बात करें।

 इस बार भी नियमित जांच जरूरी हैImage Credit : Instagram/Canva02 / 07

इस बार भी नियमित जांच जरूरी है

पहली प्रेग्नेंसी में सब सामान्य रहा हो, तब भी दूसरी बार नियमित जांच जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूरी टेस्ट और चेकअप करवाते रहें, ताकि मां और बच्चे की सेहत पर समय रहते नजर रखी जा सके।

खाने में रखें पोषण का बैलेंसImage Credit : Instagram/Canva03 / 07

खाने में रखें पोषण का बैलेंस

सिर्फ ज्यादा खाना नहीं, बल्कि सही चीजें खाना जरूरी है। रोज के भोजन में दाल, सब्जियां, फल, साबुत अनाज, पर्याप्त प्रोटीन और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूरी पोषक तत्व शामिल करें। पानी पीना भी न भूलें।

आराम को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंImage Credit : Instagram/Canva04 / 07

आराम को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं

दूसरे बच्चे की तैयारी के साथ घर और पहले बच्चे की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में हर काम खुद करने की कोशिश न करें। जब शरीर थका हो, तो थोड़ा आराम करें और परिवार से मदद लेने में झिझकें नहीं।

फिजिकल एक्टिविटीImage Credit : Instagram/Canva05 / 07

फिजिकल एक्टिविटी

अगर डॉक्टर ने किसी तरह की रोक नहीं लगाई है, तो आरामदायक चाल से टहलना या गर्भावस्था के लिए उपयुक्त हल्की गतिविधियां दिनचर्या में रखी जा सकती हैं। किसी भी नई एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

पहली प्रेग्नेंसी से तुलना न करेंImage Credit : Instagram/Canva06 / 07

पहली प्रेग्नेंसी से तुलना न करें

पहली बार ऐसा हुआ था, इस बार क्यों नहीं? इस सोच से बचें। दूसरी गर्भावस्था में लक्षण और अनुभव अलग हो सकते हैं। हर शरीर अपनी गति से बदलता है, इसलिए खुद की तुलना पिछली प्रेग्नेंसी से करने के बजाय वर्तमान स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

मेंटल हेल्थ पर ध्यानImage Credit : Instagram/Canva07 / 07

मेंटल हेल्थ पर ध्यान

दूसरी बार मां बनने के साथ खुशी के अलावा कई जिम्मेदारियों का ख्याल भी आ सकता है। पर्याप्त नींद, परिवार से बातचीत और अपनी पसंद की छोटी गतिविधियों के लिए समय निकालें। जरूरत महसूस हो तो अपनी परेशानी किसी भरोसेमंद व्यक्ति या विशेषज्ञ से साझा करें।

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