अनन्या पांडे की बहन अलाना पांडे ने हाल ही में अपनी दूसरी प्रेगनेंसी का अनाउंसमेंट किया है। दूसरी बार मां बनना पहली प्रेग्नेंसी से थोड़ा अलग अनुभव हो सकता है। जानिए सेकंड टाइम मॉम्स के लिए काम आने वाली सात आसान और जरूरी बातें।
अलाना पांडे दूसरी बार मां बनने वाली हैं, इससे पहले उन्होने 2024 में बेटे रिवर को वेलकम किया था। ऐसे में समझना जरूरी है कि, दूसरी प्रेग्नेंसी में पिछला अनुभव मददगार जरूर होता है, लेकिन हर गर्भावस्था अलग हो सकती है। थकान, दर्द, चक्कर या कोई असामान्य बदलाव लगातार महसूस हो तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से बात करें।
पहली प्रेग्नेंसी में सब सामान्य रहा हो, तब भी दूसरी बार नियमित जांच जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूरी टेस्ट और चेकअप करवाते रहें, ताकि मां और बच्चे की सेहत पर समय रहते नजर रखी जा सके।
सिर्फ ज्यादा खाना नहीं, बल्कि सही चीजें खाना जरूरी है। रोज के भोजन में दाल, सब्जियां, फल, साबुत अनाज, पर्याप्त प्रोटीन और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूरी पोषक तत्व शामिल करें। पानी पीना भी न भूलें।
दूसरे बच्चे की तैयारी के साथ घर और पहले बच्चे की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में हर काम खुद करने की कोशिश न करें। जब शरीर थका हो, तो थोड़ा आराम करें और परिवार से मदद लेने में झिझकें नहीं।
अगर डॉक्टर ने किसी तरह की रोक नहीं लगाई है, तो आरामदायक चाल से टहलना या गर्भावस्था के लिए उपयुक्त हल्की गतिविधियां दिनचर्या में रखी जा सकती हैं। किसी भी नई एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
पहली बार ऐसा हुआ था, इस बार क्यों नहीं? इस सोच से बचें। दूसरी गर्भावस्था में लक्षण और अनुभव अलग हो सकते हैं। हर शरीर अपनी गति से बदलता है, इसलिए खुद की तुलना पिछली प्रेग्नेंसी से करने के बजाय वर्तमान स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
दूसरी बार मां बनने के साथ खुशी के अलावा कई जिम्मेदारियों का ख्याल भी आ सकता है। पर्याप्त नींद, परिवार से बातचीत और अपनी पसंद की छोटी गतिविधियों के लिए समय निकालें। जरूरत महसूस हो तो अपनी परेशानी किसी भरोसेमंद व्यक्ति या विशेषज्ञ से साझा करें।