किचन भारत में और दूसरे देश में बेडरूम, घूम आओ इस अनोखे गांव, 99% लोगों को नहीं पता होगा नाम

Longwa village Nagaland: भारत के नागालैंड के मोन जिले में स्थित लोंगवा गांव घूमने का आप प्लान कर सकते हैं। इसे भारत का सबसे अनोखा गांव कहां जाता है जहां के निवासियों को दोहरी नागरिकता का दुर्लभ विशेषाधिकार प्राप्त है।

Authored by: प्रभात शर्माUpdated May 16 2025, 13:33 IST
​लोंगवा गांव​Image Credit : Instagram01 / 06

​लोंगवा गांव​

भारत और म्यांमार के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित लोंगवा गांव बेहद अनूठा है। यह गांव कोन्याक नागा जनजाति का घर है, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शिकारियों के इतिहास के लिए फेमस है।

​दोहरी नागरिकता​Image Credit : Instagram02 / 06

​दोहरी नागरिकता​

लोंगवा गांव के निवासी भारत और म्यांमार दोनों देशों के नागरिक होते हैं क्योंकि यह गांव अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित है जो इसकी विशेषता भी है। प्राकृतिक सुंदरता से लेकर सांस्कृतिक विविधता तक सब मिलकर इसे अद्वितीय पर्यटन स्थल बनाती है।​

​फ्री मूवमेंट रेजीम​Image Credit : Instagram03 / 06

​फ्री मूवमेंट रेजीम​

गांव को फ्री मूवमेंट रेजीम (FMR) से लाभ मिलता है जिसके चलते गांववाले बिना वीजा के सीमा पार 16 km तक यात्रा कर सकते हैं और 14 दिनों तक रुक सकते हैं। ऐसा करने के लिए उन्हें वीजा या फिर पासपोर्ट की जरूरत नहीं है।

​आधा घर भारत में और आधा म्यांमार में​Image Credit : Instagram04 / 06

​आधा घर भारत में और आधा म्यांमार में​

यहां गांव के मुखिया, जिन्हें अंग कहा जाता है उनका घर भारत और म्यांमार दोनों देशों की सीमा पर स्थित है। इसका मतलब है कि अंग का आधा घर भारत में और आधा म्यांमार में है।

​प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन​Image Credit : Instagram05 / 06

​प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन​

सुरम्य पहाड़ियों, हरे-भरे जंगलों और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए ये गांव पर्यटकों को आकर्षित करता है। ये गांव 4 नदियों के संगम पर स्थित है, जिनमें से 2 भारत और 2 म्यांमार में बहती हैं।

​यात्रा मार्ग​Image Credit : Instagram06 / 06

​यात्रा मार्ग​

इस गांव तक पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जोरहाट असम (मोन से लगभग 161 किलोमीटर दूर) है। एयरपोर्ट पहुंचकर बस या निजी वाहन के माध्यम से मोन पहुंचा जा सकता है।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!