गंगा नदी के किनारे बसे उत्तराखंड के शहर ऋषिकेश की यात्रा आप 12 महीने में कभी भी कर सकते हैं। संतों की नगरी के नाम से मशहूर इस धार्मिक जगह पर देखने और करने के लिए तमाम चीजें हैं।
ऋषिकेश जाकर बंजी जंपिंग, रिवर राफ्टिंग के अलावा आप कैरला फॉल्स, Parmarth Niketan आश्रम जा सकते हैं। नीलकंठ महादेव या अन्य ट्रैकिंग मार्गों पर ट्रेकिंग करने का भी लुत्फ उठा सकते हैं। इसके अलावा राजाजी नेशनल पार्क में सफारी का भी आनंद ले सकते हैं।
पावन नगरी ऋषिकेश में हर शाम गंगा नदी के किनारे आरती का आयोजन किया जाता है। भक्तों के लिए ये एक अद्भुत और आकर्षक अनुभव होता है। गंगा आरती मुख्यत त्रिवेणी घाट पर होती है। इसके अलावा लक्ष्मण झूला और राम झूला के पास भी गंगा आरती होती है।
ऋषिकेश शहर ध्यान और साधना के लिए जाना जाता है। ऐसे में यहां ठहरने के लिए जरूरी नहीं है कि आप हजारो रुपए खर्चे करें यहां पर आपके मुफ्त में ठहरने का इंतजाम हो सकता है। 1000 कमरे में बने गीता भवन में आप फ्री में ठहर सकते हैं लेकिन आश्रम की कुछ शर्तें जैसे टूरिस्ट को वॉलिंटियर करने का काम हो सकता है।
ऋषिकेश जाकर अगर आप कम बजट में सस्ता और अच्छा खाना खाने के इच्छुक हैं तो उत्तर दक्षिण बाय मद्रास कैफै जा सकते हैं जहां 60 रुपए से 100 रुपए के बीच आपको खाने को मिल जाएगा। यहां की आलू पूरी और कचौड़ी काफी फेमस है। सरस्वती रेस्टोरेंट और घाट किनारे की दुकानों पर भी आपको कम पैसे खर्च करके भरपेट खाना मिल जाएगा।
ऋषिकेश पहुंचने के लिए आप सड़क मार्ग, ट्रेन मार्ग या फिर फ्लाइट का भी उपयोग कर सकते हैं। ऋषिकेश के पास निकटतम रेलवे स्टेशन हरिद्वार है। वहीं अगर आप फ्लाइट से आ रहे हैं तो देहरादून एयरपोर्ट इसके सबसे नजदीक है। एयरपोर्ट से ऋषिकेश की दूरी 34 किलोमीटर है जो बस या टैक्सी से तय की जा सकती है।