प्राचीन किलों, महलों, मंदिरों, और रंगीन बाजारों के लिए जोधपुर जाना जाता है। जोधपुर ना केवल भारतीय पर्यटकों को बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी खासा आकर्षित करता है। नीली नगरी के नाम से फेमस जोधुपर का इतिहास समृद्ध और दिलचस्प है।
जोधपुर को नीला शहर और थार के द्वार के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में स्थित जोधपुर की भव्यता और ऐतिहासिक इमारतें इसे खान बनाती हैं। असली राजस्थानी स्वाद का अगर आप अनुभव लेना चाहते हैं, तो जोधपुर एक बेहतरीन विकल्प है।
जोधपुर की प्रसिद्ध सब्जी मिल्ली करी है। इसके अलावा प्याज कचोरी, लाल मांस (मटन करी) भी यहां लोग बड़े चाव से खाते हैं। मावे की कचौरी और घेवर, माखनिया लस्सी, राजस्थानी थाली (दाल बाटी चूरमा, गट्टे की सब्ज़ी, केर-सांगरी, और बहुत कुछ) और मिर्ची बड़ा का स्वाद लेना ना भूलें।
बजट में अगर आप स्टे के लिए तलाश रहे हैं तो जोधपुर हेरिटेज होम्स, हॉटल AR Excellency का रुख कर सकते हैं। इसके अलावा होमस्टे और हॉस्टल भी पुराने शहर में मिल जाते हैं। यात्रा के दौरान मेहरानगढ़ किले से सनसेट और ब्लू सिटी के गलियों में वॉक जरूर करें।
मेहरानगढ़ किला, चामुंडा हिल्स के पास उमेद भवन पैलेस, जसवंत ठाड़ा, मंडोर गार्डन, घड़ी चौक और सरदार बाजार यहां के प्रमुख आकर्षण है। सारगढ़ी बाजार और सरदार बाजार भी फेमस प्लेस हैं।
अक्टूबर से मार्च तक का समय जोधपुर यात्रा के लिए बेस्ट होता है। इस दौरान यहां का मौसम सुखद और ठंडा होता है। गर्मियों में (अप्रैल-जून) तापमान बहुत अधिक होता है, इसलिए ट्रैवल से बचें। मॉनसून में हरियाली देखने को मिलती है, लेकिन गर्मी बनी रहती है।
जोधपुर का हवाई अड्डा दिल्ली, मुंबई और जयपुर से अच्छी तरह से कनेक्टेड है। जोधपुर रेलवे स्टेशन भारतीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, जयपुर, और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों से जोधपुर के लिए सड़क मार्ग से यात्रा की जा सकती है।