राम नवमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम से जुड़ी पवित्र जगहों के दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है। अयोध्या से लेकर रामेश्वरम तक, ये स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हैं बल्कि रामायण काल की यादों से भी जुड़े हैं, जहां-जहां प्रभु श्रीराम के चरण पड़े थे।
भगवान श्री राम के जन्मोत्सव की पावन बेला पर अगर आप भी कुछ प्रभु की शरण में जाना चाहते हैं। तो इस राम नवमी 27 मार्च से पहले आपको श्रीराम से जुड़ी इन सिद्ध जगहों पर जरूर विजिट करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश की अयोध्या भगवान राम की जन्मस्थली है। यहां राम मंदिर और सरयू घाट पर दर्शन और स्नान का विशेष महत्व है।
चित्रकूट वह स्थान है जहां भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने वनवास का लंबा समय बिताया। मंदाकिनी नदी और रामघाट यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।
महाराष्ट्र के नासिक में स्थित पंचवटी में राम-सीता-लक्ष्मण ने वनवास के दौरान निवास किया था। यहीं से सीता हरण की कथा भी जुड़ी है।
तमिलनाडु का रामेश्वरम वह स्थान है जहां से श्रीराम ने लंका जाने के लिए रामसेतु का निर्माण करवाया था और शिवलिंग की स्थापना की थी।
प्रयागराज वह स्थान है जहां श्रीराम ने वनवास के दौरान ऋषि भारद्वाज से भेंट की थी। संगम स्नान और दर्शन यहां विशेष पुण्यदायी माने जाते हैं।
कर्नाटक का किष्किंधा क्षेत्र सुग्रीव और हनुमान जी का राज्य माना जाता है। यहीं भगवान राम की मुलाकात हनुमान जी से हुई थी।