अगर आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं तो ताजमहल जरूर आपकी ट्रैवल लिस्ट में होगा। सफेद संगमरमर से बना ताजमहल दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारतों में गिना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आगरा में ताजमहल से जुड़ी एक और दिलचस्प कहानी भी है, जिसे लोग काला ताजमहल कहते हैं? कहा जाता है कि शाहजहां अपने लिए काले पत्थर से एक और ताजमहल बनवाना चाहते थे। यह जगह आज भी ट्रैवल लवर्स के लिए किसी रहस्य से कम नहीं है।
ताजमहल को देखने हर साल लाखों लोग आगरा पहुंचते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसके पीछे एक अनसुनी कहानी भी जुड़ी है। माना जाता है कि शाहजहां ने मुमताज महल के लिए सफेद ताजमहल बनवाने के बाद अपने लिए काले संगमरमर से एक और मकबरा बनवाने का सपना देखा था। कहा जाता है कि यह इमारत यमुना नदी के दूसरी तरफ बनने वाली थी, ताकि दोनों ताजमहल आमने-सामने दिखें। यही वजह है कि काले ताजमहल की कहानी ट्रैवलर्स को हमेशा आकर्षित करती है।
काले ताजमहल की कहानी सबसे ज्यादा मेहताब बाग से जुड़ी मानी जाती है। यह जगह ताजमहल के ठीक सामने, यमुना नदी के पार स्थित है। मुगलकाल में इसे खास तौर पर ताजमहल को दूर से देखने के लिए बनवाया गया था। यहां से ताजमहल का व्यू इतना खूबसूरत लगता है कि कई लोग कहते हैं शाम के समय इसका रंग थोड़ा गहरा दिखता है। शायद यही वजह है कि काले ताजमहल की कल्पना को और बल मिला।
17वीं सदी में एक फ्रेंच यात्री ने अपनी यात्रा के दौरान लिखा था कि शाहजहां अपने लिए काले पत्थर का ताजमहल बनवाना चाहते थे। कहा जाता है कि उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया क्योंकि बाद में उन्हें कैद कर लिया गया। हालांकि इतिहासकारों के पास इसके ठोस सबूत नहीं हैं, लेकिन इस कहानी ने लोगों की जिज्ञासा जरूर बढ़ा दी है।
जब मेहताब बाग में खुदाई की गई तो वहां काले पत्थर नहीं मिले, बल्कि सफेद पत्थर समय के साथ काले पड़ चुके थे। विशेषज्ञ मानते हैं कि काला ताजमहल शायद कभी बना ही नहीं, लेकिन इसकी कहानी आज भी लोगों को आकर्षित करती है। कई लोग यह भी मानते हैं कि मेहताब बाग के पानी में ताजमहल का रिफ्लेक्शन गहरा दिखाई देता था, जिससे काले ताजमहल की कल्पना बनी।
अगर आप आगरा घूमने जा रहे हैं, तो ताजमहल के साथ मेहताब बाग जरूर जाएं। यहां भीड़ कम होती है और आपको ताजमहल का शांत और अलग नजारा देखने को मिलता है। फोटोग्राफी के लिए भी यह जगह काफी पसंद की जाती है। काले ताजमहल की कहानी भले ही रहस्य हो, लेकिन इस जगह का अनुभव आपकी यात्रा को और भी यादगार बना सकता है।
अगर आपने भी अभी तक आगरा जाने के बाद भी काला ताजमहल नहीं देखा है, तो आप एक अनोखा अनुभव मिस कर रहे हैं। तो अगली बार अगर आप ताजमहल देखने जाएं तो यह काला वाला देखना न भूलें।