यदि आप कैंची धाम जाने की योजना बना रहे हैं, तो आश्रम में दर्शन के साथ-साथ आसपास के प्राकृतिक स्थलों का आनंद भी ले सकते हैं। ये सारी जगहें 50 किलोमीटर के अंदर हैं।
कैंची धाम से मात्र 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भवाली एक खूबसूरत और शांत पर्वतीय कस्बा है। टीबी सेनेटोरियम के लिए ऐतिहासिक पहचान रखने वाला भवाली अपने समृद्ध फलों के बागों और सुरम्य वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां की हरियाली और ठंडी हवाएं यात्रियों को एक अलग ही ताजगी का अहसास कराती हैं।
प्रकृति प्रेमियों के लिए कैंची धाम से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित नैनीताल एक बेहतरीन गंतव्य है। अपनी नीली झीलों और हरे-भरे पर्वतों के लिए प्रसिद्ध यह हिल स्टेशन पर्यटकों का मन मोह लेता है। नैनी झील में बोटिंग का आनंद लेने के साथ ही श्रद्धालु प्रसिद्ध मां नैना देवी मंदिर में शीश नवा सकते हैं।
कैंची धाम के करीब स्थित भीमताल अपनी विशाल और बेहद खूबसूरत प्राकृतिक झील के लिए जाना जाता है। कैंची धाम से इसकी दूरी लगभग 22 किलोमीटर है। इस झील के केंद्र में स्थित एक छोटा सा टापू और उस पर बना एक्वेरियम पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है, जो शांति चाहने वालों के लिए एक आदर्श स्थान है।
यदि आप साहसिक गतिविधियों के शौकीन हैं, तो कैंची धाम से करीब 26 किलोमीटर दूर स्थित नौकुचियाताल आपके लिए सबसे उपयुक्त जगह है। नौ कोनों वाली इस अनोखी झील के आसपास पैराग्लाइडिंग, कायकिंग और पैडल बोटिंग जैसी गतिविधियां बेहद लोकप्रिय हैं। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य फोटोग्राफी के लिए भी बेहतरीन है।
कैंची धाम से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सातताल सात छोटी-छोटी प्राकृतिक झीलों का एक अनोखा समूह है। घने ओक और पाइन के जंगलों से घिरा यह स्थल पक्षी प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां बर्ड वाचिंग और नौकायन का एक अलग ही रोमांचक अनुभव मिलता है।
इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वाले यात्रियों के लिए मुक्तेश्वर एक शानदार विकल्प है। कैंची धाम से करीब 36 किलोमीटर दूर स्थित यह पहाड़ी क्षेत्र अपने 350 साल पुराने मुक्तेश्वर महादेव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यहां से हिमालय की बर्फ से ढकी ऊंची चोटियों का मनोरम दृश्य साफ दिखाई देता है।