अरुणाचल प्रदेश में है भारत का सबसे विशाल बौद्ध मठ, जानिए तवांग मॉनेस्ट्री की पूरी कहानी

अरुणाचल प्रदेश का ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बसा तवांग शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और रोमांच का एक अद्भुत संगम पेश करता है। यहाँ की बर्फीली चोटियाँ और शांत वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

Authored by: Suneet SinghUpdated Oct 30 2026, 14:47 IST
​महायान बौद्ध धर्म का भव्य प्रतीक​Image Credit : IStock01 / 07

​महायान बौद्ध धर्म का भव्य प्रतीक​

इस खूबसूरत शहर की सबसे बड़ी स्थापत्य कलाकृतियों में प्रसिद्ध तवांग मठ शामिल है। यह पूर्वी हिमालय की भव्य श्रृंखलाओं के बीच स्थित महायान बौद्ध धर्म का एक दिव्य और पवित्र केंद्र है।

​भारत का सबसे विशाल बौद्ध मठ​Image Credit : IStock02 / 07

​भारत का सबसे विशाल बौद्ध मठ​

इंक्रेडिबल इंडिया के अनुसार, तवांग मठ भारत का सबसे बड़ा बौद्ध मठ है। इस ऐतिहासिक मठ की स्थापना 17वीं शताब्दी में पांचवें दलाई लामा की इच्छा के अनुसार मेराक लामा लोद्रे ग्यात्सो द्वारा की गई थी।

​'गादेन नामग्याल ल्हात्से' का अर्थ​Image Credit : IStock03 / 07

​'गादेन नामग्याल ल्हात्से' का अर्थ​

इस भव्य मठ को 'गादेन नामग्याल ल्हात्से' भी कहा जाता है, जिसका शाब्दिक अर्थ पूर्ण विजय का दिव्य स्वर्ग होता है। यह नाम इसकी आध्यात्मिक महिमा और भव्यता को पूरी तरह से दर्शाता है।

​अद्भुत वास्तुकला और विशाल परिसर​Image Credit : IStock04 / 07

​अद्भुत वास्तुकला और विशाल परिसर​

साल 1681 के अंतिम दौर में स्थापित यह मठ समुद्र तल से 10,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है। तीन मंजिला ऊंचे इस मठ के चारों ओर करीब 925 फीट लंबी दीवार है और इसके परिसर में 65 आवासीय इमारतें बनी हुई हैं।

​प्राचीन ग्रंथों से समृद्ध विशाल पुस्तकालय​Image Credit : IStock05 / 07

​प्राचीन ग्रंथों से समृद्ध विशाल पुस्तकालय​

इस मठ की दूसरी मंजिल पर एक विशाल पुस्तकालय है, जिसमें कंग्यूर और तेंग्यूर जैसे कई मूल्यवान और प्राचीन धार्मिक ग्रंथ संरक्षित हैं। इसके अलावा यहाँ एक प्रिंटिंग प्रेस भी है जहाँ पारंपरिक लकड़ी के ब्लॉकों से किताबें छापी जाती हैं।

​प्रवेश द्वार ककालिंग की खूबसूरती​Image Credit : IStock06 / 07

​प्रवेश द्वार ककालिंग की खूबसूरती​

मठ के मुख्य प्रवेश द्वार को 'ककालिंग' कहा जाता है। झोपड़ी के आकार के इस खूबसूरत द्वार की छत पर मंडला बने हैं और इसकी भीतरी दीवारों पर देवी-देवताओं व संतों के सुंदर भित्ति चित्र उकेरे गए हैं।

​मठ की स्थापना से जुड़ी दिलचस्प पौराणिक कथा​Image Credit : IStock07 / 07

​मठ की स्थापना से जुड़ी दिलचस्प पौराणिक कथा​

इसकी स्थापना को लेकर कई मान्यताएं हैं, जिनमें सबसे लोकप्रिय कथा इसके घोड़े से जुड़ी है। कहा जाता है कि मेराक लामा लोद्रे ग्यात्सो जब सही जगह की तलाश में थे, तब उनका खोया हुआ घोड़ा इसी पहाड़ी की चोटी पर घास चरते हुए मिला था, जिसे उन्होंने दैवीय संकेत मानकर यहीं मठ की स्थापना की।

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