WhatsApp-Telegram अब हर 6 घंटे में होंगे बंद, सरकार का बड़ा आदेश जारी

​भारत सरकार ने एक नया नियम लागू किया है, जो आने वाले समय में WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh जैसे लोकप्रिय ऐप्स के इस्तेमाल का तरीका बदल देगा। अगर आप इनमें से कोई ऐप इस्तेमाल करते हैं, तो यह बदलाव आपके लिए जरूरी है।​

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Nov 30 2025, 11:22 IST
​सरकार ने क्या कहा है?​Image Credit : Timesnowhindi01 / 08

​सरकार ने क्या कहा है?​

​टेलीकॉम विभाग ने इन ऐप्स को आदेश दिया है कि अगले 90 दिनों में वे ऐसी तकनीक लागू करें जिससे ऐप केवल तभी चले जब फोन में वही रजिस्टर किया हुआ SIM मौजूद हो। अगर SIM हटाया जाता है, तो ऐप तुरंत बंद हो जाना चाहिए। इसे SIM Binding कहा जाता है।​

​यह नियम क्यों बनाया गया?​Image Credit : Timesnowhindi02 / 08

​यह नियम क्यों बनाया गया?​

​सरकार के मुताबिक, कई विदेशी साइबर अपराधी भारत के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी कर रहे हैं। वे पुराने या निष्क्रिय नंबरों से ऐप में लॉगिन कर लेते हैं और क्योंकि SIM फोन में मौजूद नहीं होती, इसलिए उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाती। सरकार का मानना है कि SIM हटते ही ऐप बंद होने से यह loophole खत्म होगा और धोखेबाज़ ट्रैक किए जा सकेंगे।​

​टेलीकॉम कंपनियों की राय​Image Credit : Timesnowhindi03 / 08

​टेलीकॉम कंपनियों की राय​

​टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि अभी ऐप्स SIM की केवल एक बार वेरिफिकेशन करते हैं, पहली बार इंस्टॉल करते समय। उसके बाद चाहे SIM हट जाए या डिएक्टिवेट हो जाए, ऐप बिना रुकावट चलते रहते हैं। उनके अनुसार, यही सुविधा हैकर्स, स्पैमर्स और ठगों को फायदा पहुंचाती है।​

​ऐप्स को क्या बदलाव करने होंगे?​Image Credit : Timesnowhindi04 / 08

​ऐप्स को क्या बदलाव करने होंगे?​

​ऐप्स को बार-बार चेक करना होगा कि सही SIM फोन में मौजूद है या नहीं। अगर नहीं है, तो ऐप ऑटोमैटिक बंद हो जाएगा। इसके अलावा WhatsApp Web जैसी सेवाओं पर अब हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट करना होगा। ​

बार-बार लॉगिनImage Credit : Timesnowhindi05 / 08

बार-बार लॉगिन

​दोबारा लॉगिन करने के लिए फिर से QR कोड स्कैन करना पड़ेगा। ऐप कंपनियों को 120 दिनों के भीतर सरकार को रिपोर्ट देना होगा कि उन्होंने नियम लागू कर दिए हैं।​

​यूजर्स पर इसका क्या असर पड़ेगा?​Image Credit : Timesnowhindi06 / 08

​यूजर्स पर इसका क्या असर पड़ेगा?​

​ज्यादातर लोगों के लिए बहुत बड़ा अंतर नहीं होगा। आप ऐप वैसे ही इस्तेमाल करेंगे, बस अब ऐप SIM की एक्टिव मौजूदगी पर निर्भर रहेगा, लेकिन जिन लोगों के ऐप दूसरे डिवाइस में बिना SIM के चल रहे हैं या जिनका SIM एक फोन में और ऐप दूसरे फोन में चलता है उन्हें दिक्कत होगी।​

​क्या इससे धोखाधड़ी रुकेगी?​Image Credit : Timesnowhindi07 / 08

​क्या इससे धोखाधड़ी रुकेगी?​

​इस पर विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। कुछ का कहना है कि अपराधी पहले से ही नकली दस्तावेज़ों पर SIM लेते हैं, इस्तेमाल करते हैं और फेंक देते हैं। इस नियम से फर्क कम पड़ेगा। कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि भारत में पहले से वीडियो KYC और AI वेरिफिकेशन लागू है, फिर भी ठगी जारी है। इसलिए समस्या कहीं और हो सकती है।​

​इस नियम का अर्थ क्या है?​08 / 08

​इस नियम का अर्थ क्या है?​

​सरल भाषा में कहें तो सरकार चाहती है कि हर मैसेजिंग ऐप अकाउंट एक सक्रिय SIM से लिंक रहे, ताकि जरूरत पड़ने पर यूज़र की पहचान ट्रेस की जा सके। समर्थक इसे सुरक्षा के लिए जरूरी मानते हैं, जबकि आलोचक इसे आम यूजर्स के लिए असुविधाजनक बता रहे हैं।​

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