साल 2016 में Reliance Jio के आने के बाद टेलीकॉम सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पहले यूजर्स बिना रिचार्ज के भी सिम एक्टिव रख सकते थे, लेकिन अब इनकमिंग कॉल के लिए भी वैध रिचार्ज जरूरी हो गया है।
सिम कार्ड और मोबाइल सेवाओं को लेकर TRAI ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार, यदि कोई यूजर समय पर रिचार्ज नहीं कराता है, तो उसकी सेवाएं धीरे-धीरे सीमित कर दी जाती हैं और अंत में सिम पूरी तरह बंद हो जाता है।
रिचार्ज खत्म होने के बाद सबसे पहले असर आउटगोइंग सेवाओं पर पड़ता है। आमतौर पर 15 दिनों के भीतर कॉल और SMS की आउटगोइंग सुविधा बंद कर दी जाती है। हालांकि, कुछ समय तक इनकमिंग कॉल और मैसेज मिलते रहते हैं ताकि यूजर को रिचार्ज कराने का मौका मिल सके।
अगर यूजर इसके बाद भी रिचार्ज नहीं कराता है, तो अगला चरण इनकमिंग सेवाओं का होता है। कुछ समय बाद इनकमिंग कॉल और SMS भी बंद कर दिए जाते हैं। इस स्थिति में सिम कार्ड केवल नाम मात्र का रह जाता है और किसी तरह की सेवा उपलब्ध नहीं रहती।
अधिकतर मामलों में 60 से 90 दिनों के भीतर सिम कार्ड पूरी तरह डी-एक्टिवेट कर दिया जाता है। इसका मतलब है कि आपका नंबर नेटवर्क से हट जाता है और उस पर कोई भी सेवा काम नहीं करती।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर आपका सिम 90 दिनों तक एक्टिव नहीं रहता, तो टेलीकॉम कंपनी उस नंबर को दोबारा जारी कर सकती है। यानी आपका पुराना नंबर किसी दूसरे यूजर को मिल सकता है।