आपातकालीन अलर्ट ऐसे छोटे और जरूरी मैसेज हैं जो सरकार या संबंधित प्राधिकरणों द्वारा जारी किए जाते हैं ताकि जनता को किसी गंभीर खतरे जैसे भूकंप, बाढ़, आतंकी हमला या लापता व्यक्ति की सूचना दी जा सके। इन अलर्ट्स के लिए एक विशेष नेटवर्क चैनल का उपयोग किया जाता है, जिससे ये मैसेज तब भी आपके मोबाइल तक पहुंच सकते हैं जब इंटरनेट उपलब्ध नहीं होता है।
भारत सरकार ने 7 मई 2025 को देश के 244 जिलों में एक सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल की घोषणा की है। यह फैसला पहलगाम में हुए आतंकी हमले और पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बाद लिया गया है। इस ड्रिल में ब्लैकआउट सिमुलेशन, एयर रेड साइरन, निकासी अभ्यास और सार्वजनिक सुरक्षा सत्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को युद्ध जैसी आपात स्थितियों के लिए तैयार करना है।
ऐसे हालात में यह जरूरी हो जाता है कि आपके स्मार्टफोन में इमरजेंसी अलर्ट एक्टिव हों ताकि किसी भी खतरे की स्थिति में आपको समय पर चेतावनी मिल सके और आप उचित कदम उठा सकें। यदि आपने अब तक अपने फोन में ये फीचर एक्टिव नहीं किया है, तो अब इसे ऑन करना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
अपने फोन की Settings (सेटिंग्स) में जाएं। यहां से Safety and Emergency विकल्प पर टैप करें। अब Wireless Emergency Alerts पर जाएं। यहां आपको कई विकल्प दिखेंगे, जैसे, एक्सट्रीम मौसम चेतावनी (Extreme weather warnings), एमिनेंट थ्रेट अलर्ट (Imminent threat alerts), सार्वजनिक सुरक्षा अलर्ट (Public safety alerts) आदि। आपको इन सभी को ऑन करने के लिए टॉगल स्विच को चालू करना है। अगर ये विकल्प आपको सीधे न दिखें, तो सेटिंग्स के सर्च बार में "wireless emergency alerts" टाइप करें और वहीं से इन विकल्पों तक पहुंचें।
iPhone में ये अलर्ट्स आमतौर पर पहले से ऑन होते हैं, लेकिन यदि ऑन नहीं है तो आपको आईफोन की सेटिंग्स में जाना है और नोटिफिकेशन (Notifications) सेक्शन में जाएं। अब Government Alerts सेक्शन के अंतर्गत निम्नलिखित विकल्प दिखेंगे- इमरजेंसी अलर्ट (Emergency Alerts), पब्लिक सेफ्टी अलर्ट (Public Safety Alerts) और टेस्ट अलर्ट (Test Alerts) आदि। आप इन सभी विकल्पों को ऑन कर दें।
अगर किसी यूजर को इमरजेंसी अलर्ट नहीं मिल रहे हैं तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उसका फोन लेटेस्ट सॉफ्टवेयर वर्जन पर हो। साथ ही यह देखना चाहिए कि फोन में बैटरी सेवर या डू नॉट डिस्टर्ब मोड ऑन न हो, क्योंकि ये मोड्स अलर्ट को ब्लॉक कर सकते हैं। कुछ मामलों में लोकेशन आधारित सर्विसेस या नेटवर्क की सीमाएं भी अलर्ट को प्रभावित कर सकती हैं।