बिना इंटरनेट अंतरिक्ष यात्री स्पेस स्टेशन से फोटो और वीडियो धरती पर कैसे भेजते हैं?

जब हम अंतरिक्ष यात्रियों की शानदार तस्वीरें और वीडियो देखते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही आता है, क्या स्पेस में भी इंटरनेट होता है? जवाब है, वहां पृथ्वी जैसा सामान्य इंटरनेट कनेक्शन नहीं होता। अंतरिक्ष में डेटा भेजने के लिए खास तरह के कम्युनिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Apr 9 2026, 14:53 IST
कैसे भेजी जाती हैं फोटो और वीडियो?Image Credit : NASA01 / 09

कैसे भेजी जाती हैं फोटो और वीडियो?

NASA और अन्य स्पेस एजेंसियां स्पेस स्टेशन से डेटा भेजने के लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग करती हैं। अंतरिक्ष यात्री जब फोटो या वीडियो कैप्चर करते हैं, तो वह डेटा पहले स्पेस स्टेशन के कंप्यूटर सिस्टम में स्टोर होता है।

कैसे भेजी जाती हैं फोटो और वीडियो?Image Credit : NASA02 / 09

कैसे भेजी जाती हैं फोटो और वीडियो?

NASA और अन्य स्पेस एजेंसियां स्पेस स्टेशन से डेटा भेजने के लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग करती हैं। अंतरिक्ष यात्री जब फोटो या वीडियो कैप्चर करते हैं, तो वह डेटा पहले स्पेस स्टेशन के कंप्यूटर सिस्टम में स्टोर होता है।

इसके बाद यह डेटा ट्रैकिंग एंड डाटा रीले सैटेलाइट (TDRS) के जरिए धरती पर मौजूद ग्राउंड स्टेशनों तक भेजा जाता है। यह पूरी प्रक्रिया रेडियो सिग्नल्स के माध्यम से होती है, जो बेहद तेज और सुरक्षित होती है।Image Credit : NASA03 / 09

इसके बाद यह डेटा ट्रैकिंग एंड डाटा रीले सैटेलाइट (TDRS) के जरिए धरती पर मौजूद ग्राउंड स्टेशनों तक भेजा जाता है। यह पूरी प्रक्रिया रेडियो सिग्नल्स के माध्यम से होती है, जो बेहद तेज और सुरक्षित होती है।

इंटरनेट जैसा अनुभव कैसे मिलता है?Image Credit : NASA04 / 09

इंटरनेट जैसा अनुभव कैसे मिलता है?

हालांकि स्पेस में पारंपरिक इंटरनेट नहीं होता, लेकिन NASA ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेट जैसा अनुभव मिलता है।

वे ईमेल भेज सकते हैं, वीडियो कॉल कर सकते हैं और डेटा ट्रांसफर कर सकते हैं, लेकिन यह सब सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए होता है, न कि फाइबर या मोबाइल नेटवर्क से।Image Credit : NASA05 / 09

वे ईमेल भेज सकते हैं, वीडियो कॉल कर सकते हैं और डेटा ट्रांसफर कर सकते हैं, लेकिन यह सब सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए होता है, न कि फाइबर या मोबाइल नेटवर्क से।

इतनी दूर से भी कैसे मिलती है साफ तस्वीर?Image Credit : NASA06 / 09

इतनी दूर से भी कैसे मिलती है साफ तस्वीर?

स्पेस स्टेशन से भेजे जाने वाले सिग्नल्स बहुत हाई-फ्रीक्वेंसी पर काम करते हैं, जिससे बड़ी फाइल्स जैसे HD फोटो और वीडियो भी आसानी से ट्रांसफर हो जाते हैं। इसके लिए एडवांस्ड एंटेना और ग्राउंड स्टेशन का नेटवर्क काम करता है।

Artemis-2 मिशन और iPhone 17 Pro Max की चर्चाImage Credit : NASA07 / 09

Artemis-2 मिशन और iPhone 17 Pro Max की चर्चा

हाल ही में Artemis 2 मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों ने iPhone 17 Pro Max का इस्तेमाल किया है। इस फोन से ली गई तस्वीरें और वीडियो लगातार धरती पर भेजे जा रहे हैं, जो लोगों के लिए बेहद आकर्षक बन गए हैं, हालांकि फोन खुद से इंटरनेट से कनेक्ट नहीं होता, बल्कि इसे स्पेस स्टेशन के कम्युनिकेशन सिस्टम से जोड़कर डेटा ट्रांसफर किया जाता है।

क्या भविष्य में स्पेस में होगा असली इंटरनेट?Image Credit : NASA08 / 09

क्या भविष्य में स्पेस में होगा असली इंटरनेट?

वैज्ञानिक भविष्य में स्पेस में भी हाई-स्पीड इंटरनेट लाने पर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में यह संभव हो सकता है कि अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की तरह ही तेज इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकें।

कुल मिलाकर कहें तो स्पेस स्टेशन से फोटो और वीडियो भेजना एक जटिल लेकिन बेहद हाईटेक तकनीकी प्रक्रिया है। बिना पारंपरिक इंटरनेट के भी सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए अंतरिक्ष यात्री हर दिन हमें अंतरिक्ष की झलक दिखा रहे हैं, जो विज्ञान की बड़ी उपलब्धि है।09 / 09

कुल मिलाकर कहें तो स्पेस स्टेशन से फोटो और वीडियो भेजना एक जटिल लेकिन बेहद हाईटेक तकनीकी प्रक्रिया है। बिना पारंपरिक इंटरनेट के भी सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए अंतरिक्ष यात्री हर दिन हमें अंतरिक्ष की झलक दिखा रहे हैं, जो विज्ञान की बड़ी उपलब्धि है।

Image: NASA

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