NASA और अन्य स्पेस एजेंसियां स्पेस स्टेशन से डेटा भेजने के लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग करती हैं। अंतरिक्ष यात्री जब फोटो या वीडियो कैप्चर करते हैं, तो वह डेटा पहले स्पेस स्टेशन के कंप्यूटर सिस्टम में स्टोर होता है।
NASA और अन्य स्पेस एजेंसियां स्पेस स्टेशन से डेटा भेजने के लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग करती हैं। अंतरिक्ष यात्री जब फोटो या वीडियो कैप्चर करते हैं, तो वह डेटा पहले स्पेस स्टेशन के कंप्यूटर सिस्टम में स्टोर होता है।
हालांकि स्पेस में पारंपरिक इंटरनेट नहीं होता, लेकिन NASA ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेट जैसा अनुभव मिलता है।
स्पेस स्टेशन से भेजे जाने वाले सिग्नल्स बहुत हाई-फ्रीक्वेंसी पर काम करते हैं, जिससे बड़ी फाइल्स जैसे HD फोटो और वीडियो भी आसानी से ट्रांसफर हो जाते हैं। इसके लिए एडवांस्ड एंटेना और ग्राउंड स्टेशन का नेटवर्क काम करता है।
हाल ही में Artemis 2 मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों ने iPhone 17 Pro Max का इस्तेमाल किया है। इस फोन से ली गई तस्वीरें और वीडियो लगातार धरती पर भेजे जा रहे हैं, जो लोगों के लिए बेहद आकर्षक बन गए हैं, हालांकि फोन खुद से इंटरनेट से कनेक्ट नहीं होता, बल्कि इसे स्पेस स्टेशन के कम्युनिकेशन सिस्टम से जोड़कर डेटा ट्रांसफर किया जाता है।
वैज्ञानिक भविष्य में स्पेस में भी हाई-स्पीड इंटरनेट लाने पर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में यह संभव हो सकता है कि अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की तरह ही तेज इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकें।
Image: NASA