किसी भी स्मार्टफोन की असली पहचान का सबसे आसान तरीका उसका IMEI नंबर चेक करना है। IMEI हर मोबाइल का यूनिक पहचान नंबर होता है। इसे जानने के लिए यूजर को अपने फोन में *#06# डायल करना होता है। स्क्रीन पर दिखाई देने वाला IMEI नंबर फोन के बॉक्स और खरीदारी के बिल पर दिए गए नंबर से मेल खाना चाहिए।
अगर नंबर अलग हो या गायब मिले, तो यह संकेत हो सकता है कि फोन नकली है। यूजर्स सरकार के CEIR पोर्टल या “Know Your Mobile” एप के जरिए भी IMEI नंबर वेरिफाई कर सकते हैं और फोन की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
स्मार्टफोन की पैकेजिंग भी असली और नकली उत्पाद के बीच बड़ा फर्क दिखाती है। असली कंपनियों के बॉक्स मजबूत होते हैं और उन पर सही सील, सीरियल नंबर और सर्टिफिकेशन मार्क मौजूद रहते हैं। वहीं नकली स्मार्टफोन के बॉक्स अक्सर कमजोर क्वालिटी के होते हैं। इन बॉक्स पर रंग फीके दिखाई दे सकते हैं, लोगो धुंधले हो सकते हैं और कई बार स्पेलिंग मिस्टेक भी देखने को मिलती हैं। इसके अलावा फर्जी प्रोडक्ट्स में वारंटी से जुड़ी जरूरी जानकारी भी गायब हो सकती है।
फर्जी स्मार्टफोन से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि फोन केवल भरोसेमंद दुकानदार या विश्वसनीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही खरीदा जाए। अगर आप किसी दुकान से फोन खरीद रहे हैं, तो पहले ऑनलाइन उसकी विश्वसनीयता जांच लें। दुकानदार से GST नंबर मांगना भी जरूरी है।
यदि कोई विक्रेता बिना GST बिल के फोन बेचने की कोशिश करे, तो यह बड़ा खतरे का संकेत हो सकता है। इसके साथ ही वारंटी कार्ड और ओरिजिनल खरीदारी रसीद लेना भी बेहद जरूरी है। बाजार कीमत से बहुत कम दाम में मिलने वाला स्मार्टफोन भी नकली होने का संकेत हो सकता है।
नकली स्मार्टफोन अक्सर इस्तेमाल के दौरान अपनी खराब क्वालिटी दिखाने लगते हैं। ऐसे फोन में सॉफ्टवेयर लैग, कमजोर कैमरा, जल्दी गर्म होना और ढीले बटन जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। कई बार सामान्य एप चलाने पर भी फोन हैंग होने लगता है या एप अचानक बंद हो जाते हैं।