दिल्ली में नकली स्मार्टफोन फैक्ट्री का फंडाफोड़, आपका फोन भी तो फर्जी नहीं, इन 4 तरीकों से पहचानें

नया स्मार्टफोन खरीदने के बाद अगर पता चले कि वह नकली है, तो किसी को भी बड़ा झटका लग सकता है। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने करोल बाग और मोती नगर इलाके में छापेमारी कर नकली स्मार्टफोन और एक्सेसरीज बनाने वाले गिरोह का खुलासा किया है।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated May 13 2026, 10:12 IST
पुलिस ने ऐसी फै्ट्रियों का भंडाफोड़ किया, जहां Oppo, OnePlus और Realme जैसे ब्रांड्स के नाम पर फर्जी मोबाइल और एक्सेसरीज तैयार की जा रही थीं। इससे पहले इस साल Nothing और दिल्ली पुलिस ने मिलकर नकली Nothing एक्सेसरीज भी जब्त की थीं। ऐसे मामलों को देखते हुए यूजर्स के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि असली और नकली स्मार्टफोन की पहचान कैसे करें।Image Credit : Digit01 / 08

पुलिस ने ऐसी फै्ट्रियों का भंडाफोड़ किया, जहां Oppo, OnePlus और Realme जैसे ब्रांड्स के नाम पर फर्जी मोबाइल और एक्सेसरीज तैयार की जा रही थीं। इससे पहले इस साल Nothing और दिल्ली पुलिस ने मिलकर नकली Nothing एक्सेसरीज भी जब्त की थीं। ऐसे मामलों को देखते हुए यूजर्स के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि असली और नकली स्मार्टफोन की पहचान कैसे करें।

1. IMEI नंबर से करें स्मार्टफोन की जांचImage Credit : Digit02 / 08

1. IMEI नंबर से करें स्मार्टफोन की जांच

किसी भी स्मार्टफोन की असली पहचान का सबसे आसान तरीका उसका IMEI नंबर चेक करना है। IMEI हर मोबाइल का यूनिक पहचान नंबर होता है। इसे जानने के लिए यूजर को अपने फोन में *#06# डायल करना होता है। स्क्रीन पर दिखाई देने वाला IMEI नंबर फोन के बॉक्स और खरीदारी के बिल पर दिए गए नंबर से मेल खाना चाहिए।

Know Your MobileImage Credit : Digit03 / 08

Know Your Mobile

अगर नंबर अलग हो या गायब मिले, तो यह संकेत हो सकता है कि फोन नकली है। यूजर्स सरकार के CEIR पोर्टल या “Know Your Mobile” एप के जरिए भी IMEI नंबर वेरिफाई कर सकते हैं और फोन की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

2. पैकेजिंग की क्वालिटी से भी चल सकता है पताImage Credit : Digit04 / 08

2. पैकेजिंग की क्वालिटी से भी चल सकता है पता

स्मार्टफोन की पैकेजिंग भी असली और नकली उत्पाद के बीच बड़ा फर्क दिखाती है। असली कंपनियों के बॉक्स मजबूत होते हैं और उन पर सही सील, सीरियल नंबर और सर्टिफिकेशन मार्क मौजूद रहते हैं। वहीं नकली स्मार्टफोन के बॉक्स अक्सर कमजोर क्वालिटी के होते हैं। इन बॉक्स पर रंग फीके दिखाई दे सकते हैं, लोगो धुंधले हो सकते हैं और कई बार स्पेलिंग मिस्टेक भी देखने को मिलती हैं। इसके अलावा फर्जी प्रोडक्ट्स में वारंटी से जुड़ी जरूरी जानकारी भी गायब हो सकती है।

3. हमेशा भरोसेमंद विक्रेता से ही खरीदें फोनImage Credit : Digit05 / 08

3. हमेशा भरोसेमंद विक्रेता से ही खरीदें फोन

फर्जी स्मार्टफोन से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि फोन केवल भरोसेमंद दुकानदार या विश्वसनीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही खरीदा जाए। अगर आप किसी दुकान से फोन खरीद रहे हैं, तो पहले ऑनलाइन उसकी विश्वसनीयता जांच लें। दुकानदार से GST नंबर मांगना भी जरूरी है।

रसीद जरूरीImage Credit : Digit06 / 08

रसीद जरूरी

यदि कोई विक्रेता बिना GST बिल के फोन बेचने की कोशिश करे, तो यह बड़ा खतरे का संकेत हो सकता है। इसके साथ ही वारंटी कार्ड और ओरिजिनल खरीदारी रसीद लेना भी बेहद जरूरी है। बाजार कीमत से बहुत कम दाम में मिलने वाला स्मार्टफोन भी नकली होने का संकेत हो सकता है।

4. सॉफ्टवेयर और परफॉर्मेंस से भी पहचानें फर्जी डिवाइसImage Credit : Digit07 / 08

4. सॉफ्टवेयर और परफॉर्मेंस से भी पहचानें फर्जी डिवाइस

नकली स्मार्टफोन अक्सर इस्तेमाल के दौरान अपनी खराब क्वालिटी दिखाने लगते हैं। ऐसे फोन में सॉफ्टवेयर लैग, कमजोर कैमरा, जल्दी गर्म होना और ढीले बटन जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। कई बार सामान्य एप चलाने पर भी फोन हैंग होने लगता है या एप अचानक बंद हो जाते हैं।

इसके अलावा फर्जी स्मार्टफोन में आधिकारिक एंड्रॉयड अपडेट और सिक्योरिटी पैच नहीं मिलते, क्योंकि इनमें मॉडिफाइड ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल किया जाता है। यूजर्स को Google Play Store से एप डाउनलोड करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।Image Credit : Digit08 / 08

इसके अलावा फर्जी स्मार्टफोन में आधिकारिक एंड्रॉयड अपडेट और सिक्योरिटी पैच नहीं मिलते, क्योंकि इनमें मॉडिफाइड ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल किया जाता है। यूजर्स को Google Play Store से एप डाउनलोड करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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