यदि वॉशिंग मशीन को छूते समय हल्का झटका महसूस होता है, तो इसे सामान्य नहीं समझना चाहिए। यह खराब अर्थिंग, क्षतिग्रस्त वायरिंग या मशीन के अंदर पानी पहुंचने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बच्चों और बुजुर्गों के लिए जोखिम और बढ़ जाता है।
समस्या से बचने के लिए घर की अर्थिंग की जांच करानी चाहिए, खराब तारों को बदलवाना चाहिए और अधिकृत तकनीशियन से मशीन की जांच करानी चाहिए। इस तरह की खराबी को ठीक कराने में आमतौर पर 500 से 2,500 रुपये तक का खर्च आ सकता है।
अगर वॉशिंग मशीन से जलने या पिघले हुए प्लास्टिक जैसी गंध आने लगे तो तुरंत उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। यह मोटर के अधिक गर्म होने, तारों के पिघलने, कैपेसिटर खराब होने या बेल्ट में अत्यधिक घर्षण का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मशीन की मोटर और वायरिंग की तुरंत जांच करानी चाहिए। खराबी की गंभीरता के आधार पर मरम्मत का खर्च 1,000 से 5,000 रुपये तक हो सकता है।
वॉशिंग मशीन के आसपास पानी जमा होना या लगातार रिसाव दिखाई देना भी गंभीर समस्या का संकेत है। यह अक्सर पाइप, होज या डोर सील के खराब होने के कारण होता है। छोटी-सी लीकेज भी दीवारों में नमी पैदा कर सकती है और शॉर्ट सर्किट या करंट लगने जैसी घटनाओं का कारण बन सकती है। ऐसी स्थिति में खराब पाइप या सील को तुरंत बदलवाना चाहिए और सभी कनेक्शन अच्छी तरह जांच लेने चाहिए। इस समस्या को ठीक कराने में 300 से 2,000 रुपये तक खर्च हो सकता है।
अगर वॉशिंग मशीन चलते समय बहुत ज्यादा हिलती है या तेज आवाज करती है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार इसका कारण असंतुलित लोड होता है, लेकिन शॉक एब्जॉर्बर या ड्रम बेयरिंग खराब होने पर भी ऐसी समस्या आती है। लगातार कंपन से मशीन के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है और उसकी उम्र भी कम हो सकती है। मशीन को समतल जगह पर रखने और घिसे हुए सस्पेंशन पार्ट्स को बदलने की जरूरत है। इस मरम्मत पर 800 से 4,000 रुपये तक का खर्च आ सकता है।
यदि वॉशिंग मशीन चालू करते ही MCB ट्रिप होने लगे या बिजली कट जाए, तो यह मशीन के अंदर शॉर्ट सर्किट, खराब हीटिंग एलिमेंट या मोटर की समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में केवल स्विच रीसेट करके मशीन चलाना खतरनाक साबित हो सकता है। आग लगने और बड़े इलेक्ट्रिकल नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। मशीन को तुरंत अनप्लग कर किसी अच्छे तकनीशियन से जांच कराई जाए। इस तरह की मरम्मत का खर्च 1,500 से 6,000 रुपये तक हो सकता है।
वॉशिंग मशीन में आने वाली छोटी खराबियों को नजरअंदाज करना भविष्य में महंगा और खतरनाक साबित हो सकता है। समय रहते समस्या की पहचान और मरम्मत न केवल पैसे बचा सकती है, बल्कि आग, करंट और अन्य दुर्घटनाओं से भी सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
वॉशिंग मशीन को सुरक्षित और लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रखने के लिए नियमित सर्विसिंग कराना जरूरी है। विशेषज्ञ हर 6 से 12 महीने में मशीन की जांच कराने की सलाह देते हैं। इसके अलावा ड्रम को जरूरत से ज्यादा न भरें, मशीन को उचित अर्थिंग वाले अलग सॉकेट में लगाएं, आसपास की जगह को सूखा रखें और खराब पावर कॉर्ड को तुरंत बदलवाएं। मशीन को लंबे समय तक बिना निगरानी के चलने के लिए भी नहीं छोड़ना चाहिए।