Chandra Gochar 2026 : वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक शांति, माता, सुख और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है, जबकि केतु को रहस्यमयी, आध्यात्मिक, वैराग्य, भ्रम, अचानक होने वाली घटनाओं और कर्मफल का ग्रह कहा जाता है। जब चंद्रमा और केतु एक ही राशि में आते हैं तो चंद्र-केतु युति बनती है। यह युति व्यक्ति के मानसिक संतुलन, भावनात्मक फैसलों और पारिवारिक जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। 16 जुलाई 2026 की शाम 7 बजकर 51 मिनट पर चंद्रमा सिंह राशि में गोचर कर चुके हैं। सिंह राशि में पहले से ही केतु और शुक्र मौजूद हैं। ऐसे में चंद्रमा की केतु के साथ युति बन रही है। शुक्र की उपस्थिति कुछ क्षेत्रों में राहत देने का प्रयास करेगी, लेकिन केतु का प्रभाव मानसिक अस्थिरता, भ्रम, रिश्तों में दूरी और अचानक निर्णयों की संभावना बढ़ा सकता है। यह योग लगभग ढाई दिन तक प्रभावी रहेगा। आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान सबसे अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि केतु सांसारिक मोह से दूर ले जाने वाला ग्रह है। जब दोनों ग्रह साथ आते हैं तो व्यक्ति का मन अस्थिर हो सकता है। निर्णय लेने में भ्रम, अनावश्यक चिंता, आत्मविश्वास में कमी, पारिवारिक मतभेद और भावनात्मक उतार-चढ़ाव बढ़ सकते हैं। यदि जन्मकुंडली में चंद्रमा पहले से कमजोर हो तो इसका प्रभाव और अधिक महसूस हो सकता है।
मेष राशि के लिए यह युति पंचम भाव में बन रही है। पंचम भाव संतान, शिक्षा, प्रेम संबंध और बुद्धि का प्रतिनिधित्व करता है। इस दौरान प्रेम संबंधों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन कम लग सकता है और किसी महत्वपूर्ण निर्णय में भ्रम की स्थिति बन सकती है। शेयर बाजार या जोखिम वाले निवेश से फिलहाल दूरी बनाकर रखना बेहतर रहेगा। संतान पक्ष को लेकर भी चिंता हो सकती है। भगवान शिव को कच्चा दूध अर्पित करें और 'ॐ सोम सोमाय नमः' मंत्र की एक माला जप करें।
कर्क राशि के लिए चंद्रमा द्वितीय भाव में केतु के साथ युति बना रहे हैं। इसका प्रभाव वाणी, धन और पारिवारिक संबंधों पर पड़ सकता है। बोलचाल में कठोरता से विवाद की स्थिति बन सकती है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं और धन संबंधी फैसलों में भ्रम हो सकता है। परिवार के किसी सदस्य की बात आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकती है। चावल और दूध का दान करें तथा शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
सिंह राशि में ही यह युति बन रही है, इसलिए इसका सबसे अधिक प्रभाव इसी राशि पर रहेगा। मानसिक बेचैनी, आत्मविश्वास में कमी और निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति बन सकती है। कार्यस्थल पर छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव बढ़ सकता है। जीवनसाथी या परिवार के लोगों के साथ धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से सिरदर्द, अनिद्रा या मानसिक थकान महसूस हो सकती है। भगवान गणेश की पूजा करें और दूर्वा अर्पित करें।
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह युति दशम भाव में बनेगी। करियर और कार्यक्षेत्र में अचानक बदलाव या भ्रम की स्थिति बन सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद करते समय विशेष सावधानी रखें। नई नौकरी या बिजनेस से जुड़ा बड़ा निर्णय जल्दबाजी में न लें। कार्यस्थल पर आपकी बातों को गलत समझा जा सकता है, इसलिए धैर्य और संयम बनाए रखें।गणेश जी को मोदक अर्पित करें और हरे मूंग का दान करें।
कुंभ राशि के लिए यह युति सप्तम भाव में होगी। दांपत्य जीवन और बिजनेस पार्टनरशिप में मतभेद की संभावना बढ़ सकती है। जीवनसाथी की भावनाओं को समझने का प्रयास करें और किसी भी विवाद को बढ़ने न दें। साझेदारी में किए जा रहे कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखें। किसी भी कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल कर लें। शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करें और सफेद मिठाई का दान करें।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।