करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ी वार्निंग, तुरंत डिलीट कर दें ये 3 खतरनाक ऐप्स

High Risk Apps Warning: स्मार्टफोन एक ऐसा गैजेट है जिसकी जरूरत हमें हर पल होती है। अपने डेली रूटीन के कई सारे कामों को करने के लिए हम कई तरह के ऐप्स इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कुछ ऐसे ऐप्स ही हैं जो यूजर्स के लिए बेहद खतरनाक हैं। आइए आपको तीन ऐसे ऐप्लिकेशन के बारे में बताते हैं जिन्हें आपको तुरंत मोबाइल से डिलीट कर देना चाहिए।

Authored by: गौरव तिवारीUpdated Dec 20 2025, 19:24 IST
स्मार्टफोन्स आज के समय में लगभग हर कोई इस्तेमाल कर रहा है। यह हमारी डेली रूटीन लाइफ का एक अहम हिस्सा बन चुका है। अगर हमारा फोन हमारे पास न हो तो हमारे कई जरूरी काम रुक जाते हैं। स्मार्टफोन ने हमारे कई सारे काम को आसान तो बनाया है लेकिन इससे कई तरह की नई परेशानियां भी उत्पन्न हुई हैं।Image Credit : IStock01 / 08

स्मार्टफोन्स आज के समय में लगभग हर कोई इस्तेमाल कर रहा है। यह हमारी डेली रूटीन लाइफ का एक अहम हिस्सा बन चुका है। अगर हमारा फोन हमारे पास न हो तो हमारे कई जरूरी काम रुक जाते हैं। स्मार्टफोन ने हमारे कई सारे काम को आसान तो बनाया है लेकिन इससे कई तरह की नई परेशानियां भी उत्पन्न हुई हैं।

जैसे-जैसे स्मार्टफोन की जरूरत और पहुंच बढ़ी है वैस-वैसे स्पैम कॉल, फ्रॉड और प्राइवेसी की टेंशन भी बढ़ी है। आए दिन स्कैम के अलग-अलग मामले समाने आते हैं। ऐसे में हमें स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल बेहद सावधानी पूर्वक करने की जरूरत है। हमारी एक लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है।Image Credit : IStock02 / 08

जैसे-जैसे स्मार्टफोन की जरूरत और पहुंच बढ़ी है वैस-वैसे स्पैम कॉल, फ्रॉड और प्राइवेसी की टेंशन भी बढ़ी है। आए दिन स्कैम के अलग-अलग मामले समाने आते हैं। ऐसे में हमें स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल बेहद सावधानी पूर्वक करने की जरूरत है। हमारी एक लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है।

मोबाइल यूजर्स को स्कैमर्स के जाल और ठगी के तरीकों से बचाने के लिए सरकार की तरफ से समय-समय पर अलर्ट और गाइडलाइन जारी की जाती है। इसके साथ ही सरकार मोबाइल यूजर्स को ऐप्स को लेकर भी अलर्ट करती है। कुछ समय पहले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने भी कुछ खास तरह के ऐप्स को अलर्ट जारी किया था।Image Credit : IStock03 / 08

मोबाइल यूजर्स को स्कैमर्स के जाल और ठगी के तरीकों से बचाने के लिए सरकार की तरफ से समय-समय पर अलर्ट और गाइडलाइन जारी की जाती है। इसके साथ ही सरकार मोबाइल यूजर्स को ऐप्स को लेकर भी अलर्ट करती है। कुछ समय पहले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने भी कुछ खास तरह के ऐप्स को अलर्ट जारी किया था।

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के अनुसार स्मार्टफोन यूजर्स को स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स को इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। ऐसे ऐप्स यूजर्स की प्राइवेसी के लिए बेहद खतरनाक होते हैं और इनकी मदद से स्कैमर्स पर्सनल डेटा पर सेंध लगा सकते हैं।Image Credit : IStock04 / 08

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के अनुसार स्मार्टफोन यूजर्स को स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स को इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। ऐसे ऐप्स यूजर्स की प्राइवेसी के लिए बेहद खतरनाक होते हैं और इनकी मदद से स्कैमर्स पर्सनल डेटा पर सेंध लगा सकते हैं।

अपने डेली रूटीन लाइफ में जरूरत पड़ने पर हम फटाफट ऐप्स को डाउनलोड करके इंस्टाल कर लेते हैं। लेकिन कभी भी उसकी जांच पड़ताल नहीं करते। यह एक गलती हमारा बहुत बड़ा नुकसान करा सकती है। आप जब भी फोन में किसी ऐप को इंस्टाल करें तो उसके बारे में अच्छे से जानकारी ले लें।Image Credit : IStock05 / 08

अपने डेली रूटीन लाइफ में जरूरत पड़ने पर हम फटाफट ऐप्स को डाउनलोड करके इंस्टाल कर लेते हैं। लेकिन कभी भी उसकी जांच पड़ताल नहीं करते। यह एक गलती हमारा बहुत बड़ा नुकसान करा सकती है। आप जब भी फोन में किसी ऐप को इंस्टाल करें तो उसके बारे में अच्छे से जानकारी ले लें।

I4C के अनुसार स्मार्टफोन यूजर्स को AnyDesk, TeamViewer, QuickSupport जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स के इस्तेमाल से बचना चाहिए। जानकारी के मुताबिक इन ऐप्स का इस्तेमाल साइबर अपराधी लोगों ठगी में फंसाने के लिए कर रहे हैं। इतना ही नहीं इन ऐप्स के जरिए साइबर क्रिमिनल्स मोबाइल यूजर्स का रियल टाइम एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं। Image Credit : IStock06 / 08

I4C के अनुसार स्मार्टफोन यूजर्स को AnyDesk, TeamViewer, QuickSupport जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स के इस्तेमाल से बचना चाहिए। जानकारी के मुताबिक इन ऐप्स का इस्तेमाल साइबर अपराधी लोगों ठगी में फंसाने के लिए कर रहे हैं। इतना ही नहीं इन ऐप्स के जरिए साइबर क्रिमिनल्स मोबाइल यूजर्स का रियल टाइम एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं।

अगर आप अपने स्मार्टफोन ऐनीडेस्क समेत दूसरे स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपकी बैंकिंग ट्रांजैक्शन, आपके जरूरी ओटीपी और दूसरी पर्सनल फाइनेंस जानकारी लीक हो सकती है जिससे आपका भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए अगर आपने इन ऐप्स को इंस्टाल किया है तो तुरंत ही अपने फोन से डिलीट कर दें। Image Credit : IStock07 / 08

अगर आप अपने स्मार्टफोन ऐनीडेस्क समेत दूसरे स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपकी बैंकिंग ट्रांजैक्शन, आपके जरूरी ओटीपी और दूसरी पर्सनल फाइनेंस जानकारी लीक हो सकती है जिससे आपका भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए अगर आपने इन ऐप्स को इंस्टाल किया है तो तुरंत ही अपने फोन से डिलीट कर दें।

अगर आप कभी भी किसी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें या फिर 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। सरकार ने यह चेतावनी सभी लोगों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए जारी की है, ताकि साइबर अपराधियों से बचा जा सके।Image Credit : IStock08 / 08

अगर आप कभी भी किसी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें या फिर 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। सरकार ने यह चेतावनी सभी लोगों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए जारी की है, ताकि साइबर अपराधियों से बचा जा सके।

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