करोड़ों एंड्रॉयड यूजर्स के लिए बड़ी वार्निंग, स्मार्टफोन से तुरंत डिलीट कर दें ये ऐप्स
Warning for Android smartphone users: अगर आपके पास एंड्रॉयड स्मार्टफोन है तो आपको बेहद अलर्ट रहना चाहिए। कुछ ऐसे खतरनाक ऐप्स की पहचान की गई है जो मोबाइल यूजर्स की प्राइवेसी के लिए बेहद खतरनाक है। अगर आपने गलती से भी इन्हें इंस्टाल कर लिया तो आपको इनसे भारी नुकसान हो सकता है।
Authored by: गौरव तिवारीUpdated Nov 26 2025, 19:46 IST
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इंटरनेट की पहुंच बढ़ने के बाद से साइबर अटैक, ऑनलाइन फ्रॉड और साथ ही मैलवेयर अटैक का खतरा भी बढ़ गया है। टेक दिग्गज गूगल और रिसर्च लैब की तरफ से मोबाइल यूजर्स को सेफ रखने के लिए समय-समय पर अलर्ट जारी किया जाता है। अगर आपके पास एंड्रॉयड फोन है आपको थोड़ा अलर्ट रहने की जरूरत है।
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कुछ समय पहले ही में साइबर रिसर्च एंड इंटेलिजेंस लैब्स यानी CIRIL की तरफ से एंड्रॉयड यूजर्स के लिए बड़ी वार्निंग जारी की गई थी। CIRIL की तरफ से जारी वारनिंग में करीब 20 से ज्यादा ऐसे ऐप्स की पहचान की गई है जो मोबाइल यूजर्स की सेफ्टी और प्राइवेसी के लिए बेहद खतरनाक हैं।
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CIRIL की रिपोर्ट के अनुसार ये ऐप्स यूजर्स की पर्सनल जानकारी चुरा सकते हैं और साथ ही बेहद आसानी से डिवाइस में पहुंच बनाकर अपना कंट्रोल भी बना सकते हैं। ये ऐप्स आपकी पर्सनल जानकारी को चुरा सकते हैं।
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जिन खतरनाक ऐप्स की पहचान की गई है वे क्रिप्टो करेंसी वॉलेट ऐप्स हैं। रिपोर्ट के अनुसार ये ऐप्स यूजर्स के वॉलेट की रिकवरी आदि की जानकारी चोरी करते हैं और साथ ही ये अकाउंट को भी कंट्रोल कर सकते हैं।
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इन ऐप्स में Hyperliquid, Suiet Wallet, Meteora Exchange, BullX Crypto, SushiSwap, Raydium, OpenOcean Exchange, Pancake Swap और Harvest Finance blog शामिल हैं।
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इन ऐप्स को स्मार्टफोन में इंस्टाल करके रखना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आपके स्मार्टफोन में ये ऐप्स डाउनलोड हैं तो आपको तुरंत ही इन्हें डिलीट कर दीजिए वरना इनसे आपके पर्सनल प्राइवेसी ब्रीच हो सकती है।
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साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक सिर्फ इस तरह के क्रिप्टो करेंसी वाले ऐप्स ही पर्सनल डेटा के लिए घातक नहीं है। बल्कि स्मार्टफोन और लैपटॉप में अगर आपने स्क्रीन शेयरिंग वाले ऐप्स जैसे AnyDesk, TeamViewer, QuickSupport वे भी प्राइवेसी के लिए घातक हैं।
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साइबर क्रिमिनल्स इस तरह के स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स की मदद से कई बार स्क्रीन पर पहुंच बना लेते हैं और इससे वे स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। इससे डिस्प्ले में होने वाली हर एक एक्टिविटी उन तक पहुंच सकती है। स्क्रीन शेयर होने से आपके पर्सनल ओटीपी, मैसेज और बैंक डिटेल तक क्रिमिनल्स पहुंच बना सकते हैं।