यहां आपको चलते-फिरते पत्थर ​दिख जाएंगे, आखिर कौन धकेलता है इन्हें, जानें क्या इस रहस्य के पीछे का सच

क्या आपने कभी पत्थरों को चलते हुए देखा है? अब आप सोचेंगे कि ये क्या फालतू का सवाल है, भला पत्थर जैसी निर्जीव चीज कैसे चल सकती है। मगर इस धरती पर एक जगह ऐसी भी है जहां पर भारी-भरकम पत्थर अपने आप चलते-फिरते दिखते हैं। यह कैसे होता है, इस रहस्य के पीछे की वजह क्या है, आइए आज हम इसी बारे में जानते हैं।

Authored by: पंकज यादवUpdated Jul 15 2026, 11:52 IST
दुनिया की रहस्यमयी जगहों में से एकImage Credit : IStock01 / 07

दुनिया की रहस्यमयी जगहों में से एक

दुनिया में कई ऐसी रहस्यमयी जगहें हैं, जिनके बारे में सुनकर लोगों को यकीन नहीं होता। आज हम आपको एक ऐसी ही रहस्यमयी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां आपको भारी-भरकम पत्थर खुद-ब-खुद चलते-फिरते दिख जाएंगे।

कहां है यह अनोखी जगह?Image Credit : IStock02 / 07

कहां है यह अनोखी जगह?

हम बात कर रहे हैं रेस ट्रैक प्लाया (Racetrack Playa) की। जो अमेरिका के कैलिफोर्निया में डेथ वैली नेशनल पार्क में मौजूद एक सूखी झील है। इस जगह की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पड़े भारी-भरकम पत्थर अपने आप ही अपनी जगह बदल लेते हैं।

भारी-भरकम पत्थर दिख जाएंगे चलते-फिरतेImage Credit : IStock03 / 07

भारी-भरकम पत्थर दिख जाएंगे चलते-फिरते

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ये पत्थर कोई छोटे-मोटे पत्थर नहीं होते बल्कि इनमें से हर एक का वजन लगभग 100 से 200 किलो तक होता है। फिर भी ये पत्थर बिना किसी इंसान या फिर किसी मशीन की मदद के धीरे-धीरे खिसक कर एक जगह से दूसरे जगह पर पहुंच जाते हैं।

अपने पीछे छोड़ जाते हैं गहरा निशान, जो देते हैं इनके चलने के सबूतImage Credit : IStock04 / 07

अपने पीछे छोड़ जाते हैं गहरा निशान, जो देते हैं इनके चलने के सबूत

इतना ही नहीं, जब ये पत्थर एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचते हैं तो उनके पीछे-पीछे जमीन पर लंबी लकीरें भी बन जाती हैं, जिससे साफ पता चलता है कि पत्थर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचे हैं। करीब 100 साल से वैज्ञानिक और शोधकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर ये कैसे होता है?

इसे लेकर क्या है लोगों का मानना?Image Credit : IStock05 / 07

इसे लेकर क्या है लोगों का मानना?

कुछ लोगों का मानना था कि तेज हवाएं इन पत्थरों को धक्का देती हैं। कुछ ने कहा कि पत्थरों में मौजूद लोहे की मात्रा और जमीन की चुंबकीय शक्ति इसकी वजह हो सकती है। वहीं कुछ लोगों ने तो यहां तक दावा कर दिया कि इस जगह पर एलियंस आते हैं और उन्हीं की वजह से पत्थर चलते हैं।

साल 2014 में वैज्ञानिकों ने लगाया इसके रहस्य का पताImage Credit : IStock06 / 07

साल 2014 में वैज्ञानिकों ने लगाया इसके रहस्य का पता

इन्हीं ऊटपटांग बातों के बीच आखिरकार साल 2014 में वैज्ञानिक रिचर्ड डी. नॉरिस और उनके भाई जेम्स नॉरिस ने इस रहस्य से जुड़ी सबसे मजबूत थ्योरी समने रखी और उन्होंने टाइम-लैप्स कैमरों और जीपीएस की मदद से इस घटना को रिकॉर्ड किया।

रिसर्च में क्या आया सामने?07 / 07

रिसर्च में क्या आया सामने?

उनकी रिसर्च के अनुसार, सर्दियों में जब सूखी झील पर बहुत पतली पानी की परत जम जाती है, तो रात में वह बर्फ में बदल जाती है। सुबह धूप निकलने पर यह बर्फ छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाती है। उसी समय हल्की हवा चलती है, जो इन बर्फ की चादरों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाती है। बर्फ के साथ पत्थर भी खिसकने लगते हैं और जमीन पर लंबी लकीर छोड़ते हुए नई जगह पहुंच जाते हैं।

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