भारत और इंग्लैंड के बीच अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल मैच में भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने एक विश्व कप संस्करण में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने ये कमाल अपने पहले ही विश्व कप में कर दिखाया है।
जिम्बाब्वे के हरारे में खेले जा रहे अंडर 19 विश्व कप 2026 के फाइनल मैच में भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने हैं। इस मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
भारत की पारी शुरू करने के लिए पिछले सेमीफाइनल मैच के शतकवीर आरोन जॉर्ज और उसी मैच में तेज अर्धशतक लगाने वाले 14 साल के वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाजी करने के लिए पिच पर उतरे।
वैभव सूर्यवंशी और आरोन जॉर्ज ने टीम इंडिया को फाइनल मैच में तेज शुरुआत दी और इंग्लैंड के मुख्य तेज गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत में संयम से खेलते हुए कुछ चौके लगाते हुए अपनी पारी की रफ्तार बढ़ा दी। हालांकि आरोन जॉर्ज चौथे ओवर की अंतिम गेंद पर ग्रीन की गेंद पर मेयस के हाथों कैच आउट हो गए। वो सिर्फ 9 रन बना पाए।
वैभव सूर्यवंशी ने सेमीफाइनल के बाद फाइनल में भी शानदार अर्धशतक लगा दिया। उन्होंने इस बार 32 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और इसी के साथ उन्होंने विश्व कप 2026 में अपना चौथा अर्धशतक लगाया।
वैभव सूर्यवंशी ने इस मैच से पहले अंडर 19 विश्व कप 2026 में 16 छक्के पूरे कर लिए थे और एक अंडर 19 विश्व कप संस्करण में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में वो इतिहास में दूसरे नंबर पर आ गए थे। अब उन्हें एक विश्व कप संस्करण में छक्कों का विश्व रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 3 छक्कों की जरूरत थी और वैभव ने वो कमाल कर दिखाया। उन्होंने फाइनल में अर्धशतक तक पहुंचने के लिए 2 छक्के लगाए और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, जबकि उसके बाद एक छक्का और लगाते ही अपने पहले ही वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा छक्के का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
फाइनल में चौके-छक्कों की बारिश करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने चार साल पहले दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा छक्के के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ा है। ब्रेविस ने 2022 विश्व कप में 18 छक्के लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था, जो अब टूट चुका है।
भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मैच में पारवप्ले में ज्यादा तेज रन तो नहीं बनाए लेकिन कप्तान आयुष म्हात्रे के आने के बाद धीरे-धीरे मजबूत इंग्लैंड बॉलिंग लाइन-अप के सामने आयुष और वैभव ने तेजी से रन बनाते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए।