क्या आप जानते हैं कि प्रदूषित हवा का असर आपके बालों पर भी पड़ सकता है? खासकर दिल्ली-NCR जैसे शहरों में रहने वाले लोगों के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है।
हवा में मौजूद धूल, धुआं और बारीक प्रदूषक कण स्कैल्प यानी सिर की त्वचा पर जमा हो सकते हैं। कुछ शोध बताते हैं कि इनका असर बालों की जड़ों को स्वस्थ रखने वाली कोशिकाओं पर भी पड़ सकता है।
हवा में मौजूद प्रदूषण के छोटे-छोटे कण हमारी त्वचा और स्कैल्प पर जमा हो सकते हैं। इनमें PM10 और PM2.5 जैसे कण शामिल हैं। PM10 का आकार 10 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है, जबकि PM2.5 का आकार 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। ये कण इतने छोटे होते हैं कि शरीर पर कई तरह से असर डाल सकते हैं। स्कैल्प पर प्रदूषकों के जमा होने से जलन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे बालों और उनकी जड़ों की सेहत प्रभावित होने की आशंका रहती है।
बालों की ग्रोथ के लिए स्कैल्प में मौजूद कोशिकाओं का स्वस्थ रहना जरूरी है। कुछ प्रयोगशाला अध्ययनों में पाया गया कि प्रदूषण से जुड़े कण बालों की जड़ों की कोशिकाओं में मौजूद उन प्रोटीन के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं, जो बालों की ग्रोथ में भूमिका निभाते हैं। उदाहरण के लिए, β-कैटेनिन नाम का प्रोटीन बालों के विकास से जुड़ी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण होता है। शोध में प्रदूषकों के संपर्क के बाद इसके स्तर में कमी देखी गई है।
इस सवाल का जवाब है- नहीं। बाल झड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें आनुवंशिक कारण, हार्मोन में बदलाव, तनाव, पोषक तत्वों की कमी, थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं और कुछ दवाओं का असर शामिल हैं। कुछ शोधों में वायु प्रदूषण और बाल झड़ने की समस्याओं के बीच संबंध देखने को मिला है। लेकिन इस संबंध को पूरी तरह समझने के लिए अभी और शोध की जरूरत है।
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर कई बार काफी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में धूल, धुआं और बारीक कण त्वचा और स्कैल्प के संपर्क में अधिक आ सकते हैं। इससे बालों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ सकती है।