वैभव सूर्यवंशी जैसे ही इंटरनेशनल कैप के करीब पहुंचे, उनके छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने बल्ले से धमाका करना शुरू कर दिया है। 10 साल के आशीर्वाद सूर्यवंशी ने लोकल टूर्नामेंट में एक बार फिर से तूफानी शतक जड़कर सुर्खियां बटोरी हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी देखकर फैंस को वैभव की याद आ गई। सूर्यवंशी परिवार से एक और टैलेंट निकल रहा है।
आशीर्वाद सूर्यवंशी ने महज 119 गेंदों पर 168 रन जड़ डाले। इस पारी में उन्होंने 19 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के जड़े। वैभव ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर खुद स्कोरकार्ड की तस्वीर शेयर की। आशीर्वाद के स्ट्राइक रेट और शॉट सिलेक्शन ने कोचों को हैरान कर दिया। बिहार के क्रिकेट सर्किट में अब वैभव के बाद आशीर्वाद का नाम हर किसी की जुबान पर है।
आयरलैंड में मौजूद वैभव सूर्यवंशी ने आशीर्वाद की सेंचुरी पर गर्व जताया। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी लगाकर भाई की तारीफ की। वैभव की यह पोस्ट तुरंत वायरल हो गई। बड़े भाई का सपोर्ट मिलने से आशीर्वाद का हौसला बढ़ा है। फैंस कह रहे हैं कि सूर्यवंशी ब्रदर्स की जोड़ी भविष्य में टीम इंडिया का भविष्य बदल सकती है।
बता दें कि आशीर्वाद का यह पहला कारनामा नहीं है। कुछ हफ्ते पहले ही समस्तीपुर में प्रैक्टिस मैच के दौरान उन्होंने 87 गेंदों पर 103 रन बनाकर करियर की पहली सेंचुरी जड़ी थी। तब उन्होंने क्रिकेट अकादमी ताजपुर की ओर से खेलते हुए 20 चौके और एक छक्का लगाया।
आशीर्वाद सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी अपने छोटे बेटे की कामयाबी से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि वह आशीर्वाद को भी वैभव की तरह टॉप लेवल क्रिकेटर बनाना चाहते हैं। तीन भाइयों में उज्ज्वल सबसे बड़े, वैभव बीच वाले और आशीर्वाद सबसे छोटे हैं।
वैभव सूर्यवंशी की तरह आशीर्वाद भी अपने एग्रेसिव अप्रोच के लिए जाने जाते हैं। तेज हाथ, बड़े शॉट्स और गेंदबाजों पर दबाव बनाना उनकी खासियत है। उनके कोच मानते हैं कि कम उम्र में इतना निडर खेलना काफी कम बच्चों में देखा जाता है। वैभव ने IPL में दिखाया था कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। अब आशीर्वाद भी उसी राह पर चल पड़ा है।
आशीर्वाद की पारियों की गूंज अब लोकल सर्किल से निकलकर नेशनल लेवल तक पहुंच रही है। क्रिकेट एक्सपर्ट उनकी तकनीक और टेंपरामेंट की तारीफ कर रहे हैं। वैभव के डेब्यू से पहले ही सूर्यवंशी नाम ट्रेंड कर रहा है। अगर ऐसे ही प्रदर्शन जारी रहा तो BCCI की जूनियर चयन समिति की नजर भी जल्द इन पर पड़ेगी।
वैभव जहां नेशनल टीम का दरवाजा खटखटा रहा है, वहीं आशीर्वाद अंडर-12 लेवल पर रिकॉर्ड बना रहा है। एक भाई सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार है, दूसरा शतकों की झड़ी लगा रहा है।