आईपीएल की ब्रांड वैल्यू में लगातार इजाफा हो रहा है। आईपीएल की साल 2024 सीजन के बाद ब्रांड वैल्यू में 6.3 फीसदी का इजाफा हुआ था और यह 16.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर(1,34,858 करोड़ रुपये) रुपये हो गई थी।
इकोनॉमिक टाइम्स की न्यूज के मुताबिक आईपीएल 2025 के लिए विज्ञापन की संख्या में 27 प्रतिशत का इजाफा हुआ। विज्ञापन दाताओं की संख्या 80 से बढ़कर 105 तक पहुंच गई। वहीं आईपीएल के साथ जुड़े ब्रांड की संख्या में 28 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई जो कि 150 से बढ़कर 190 तक पहुंच गई। क्षेत्रीय स्पोर्ट्स चैनलों की संख्या बढ़ने का सीधा फायदा इस बार हुआ है।
अगर आईपीएल 2025 की ब्रांड वैल्यू साल 2024 के बराबर (6.3 प्रतिशत) या उससे थोड़ी ज्यादा होती है तो ये 17.5 बिलियन डॉयर (1,43,354 करोड़ रुपये) के आसपास हो जाएगी जो कि लीग के लिहाज से अच्छी खबर होगी।
आईपीएल की ब्रांड वैल्यू वर्तमान में दुनिया के अन्य खेलों की टॉप लीग्स की तुलना में कम है, एनएफएल फ्रेंचाइजी डलास काउबॉय की कीमत ही नौ बिलियन डॉलर है, इसके बाद न्यूयॉर्क यांकीस की कीमत 7.1 बिलियन डॉलर है। एनबीए फ्रेंचाइजी न्यूयॉर्क निक्स का मूल्य सात बिलियन डॉलर है, जबकि शीर्ष फुटबॉल क्लब रियाल मैड्रिड और मैनचेस्टर यूनाइटेड ने का मूल्य लगभग छह बिलियन डॉलर है।
आईपीएल की मौजूदा विंडो 8 सप्ताह से बढ़ाकर 12 से 14 सप्ताह की किए जाने की मांग हो रही है। माना जा रहा है कि विंडो बढ़ने से आईपीएल की ब्रांड वैल्यू में इजाफा होगा। आईपीएल की मौजूदा विंडों की तुलना में प्रीमियर लीग (अगस्त से मई), एनबीए (सात महीने) और एनएफएल (4.5 महीने) की विंडो लंबी है और यह उनके मूल्य को बढ़ाती है।