बतौर कोच भारतीय सरजमीं पर सबसे ज्यादा टेस्ट हारने का रिकॉर्ड कीवी कोच जॉन राइट के नाम दर्ज है। जॉन राइड के पांच साल के कार्यकाल में भारतीय टीम को चार टेस्ट मैच में हार का सामना करना पड़ा था।
वहीं गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम को घरेलू सरजमीं पर टेस्ट क्रिकेट में हाल बेहाल हो गया। गंभीर के कोच रहते भारतीय टीम ने घर पर 6 टेस्ट मैच अबतक खेले हैं जिसमें से 4 में उसे हार और 2 में जीत मिली। महज डेढ़ साल के कार्यकाल में ही गंभीर ने जॉन राइट के 5 साल में बनाए अनचाहे रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
गौतम गंभीर के टीम इंडिया का हेड कोच बनने के बाद भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैच की घरेलू टेस्ट सीरीज में 3-0 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय बल्लेबाज न्यूजीलैंड के स्पिनर्स का सामना नहीं कर सके और सीरीज में टीम का सूपड़ा साफ हो गया। यह भारतीय टीम की 21वीं सदी में घरेलू सरजमीं पर सबसे शर्मनाक हार थी।
टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को अक्तूबर में खेली गई दो मैच की टेस्ट सीरीज में 2-0 के अंतर से मात दी। सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों ने कैरेबियाई स्पिनर्स का सामना अच्छी तरह किया और सीरीज अपने नाम करने में सफल रही। उस सीरीज में तो ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया ने कीवी टीम के खिलाफ हार से सबक सीखकर जीत हासिल की है।
कोलकाता में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीकी स्पिनरों साइमन हार्मर और केशव महाराज ने स्पिन गेंदबाजी के लिए मददगार पिच पर टीम इंडिया की कलई खोल दी और चौथी पारी में 124 रन के लक्ष्य का पीछा नहीं करने दिया। टीम इंडिया महज 93 रन पर ढेर हो गई और 30 रन के अंतर से उसे हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय टीम के सिर पर गुवाहाटी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले जाने वाले सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में भी हार का खतरा मंडरा रहा है। शुभमन गिल के चोट की वजह से दूसरे टेस्ट से तकरीबन बाहर होने के बाद टीम इंडिया के सामने टीम चयन की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में कोलकाता वाले प्रदर्शन को दक्षिण अफ्रीकी स्पिनर्स जारी रखने में सफल हुए तो सीरीज में टीम इंडिया का 0-2 से सूपड़ा साफ हो सकता है।
भारतीय टीम को अनिल कुंबले, रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़ के हेड कोच रहते घरेलू धरती कुल चार टेस्ट मे ंहार का सामना करना पड़ा। अनिल कुंबले 2016 से लेकर 2017 तक कोच थे और इस दौरान भारतीय टीम अपने घर पर केवल एक ही टेस्ट मैच हारी थी। वहीं उनके बाद रवि शास्त्री 2017 से 2021 तक कोच थे जिसमें भारतीय टीम केवल एक ही मैच घर पर हारी थी। वहीं इसके बाद 2021 से लेकर 24 तक राहुल द्रविड़ कोच बने और उनके कार्यकाल में भारत केवल एक ही मैच घर पर हारी।