बता दें कि इंडियन प्रीमियर लीग के कई नियम पहले से ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से अलग हैं। इसमें इम्पैक्ट प्लेयर रुल, स्ट्रेटजिक टाइमआउट, वाइड का रिव्यू आदि शामिल हैं।
चोपड़ा ने कहा कि अगर कोई टीम विरोधी से 20% बेहतर प्रदर्शन करती है तो उसे एक बोनस पॉइंट मिलना चाहिए। इससे अंक तालिका पर रोमांच बढ़ेगा और टीमें ज़्यादा आक्रामक खेलेंगी।
आकाश चोपड़ा के मुताबिक अगर कोई टीम 200 रन बनाए और दूसरी टीम को 160 से कम पर रोक दे, तो बोनस पॉइंट मिलेगा। इसी तरह, 200 का लक्ष्य 16 ओवर में पूरा करने पर भी यह पॉइंट मिल सकता है।
चोपड़ा ने सुझाव दिया कि जैसे कंकशन सब्स्टिट्यूट मिलता है, वैसे ही गंभीर चोट पर भी टीम को लाइक-फॉर-लाइक सब्स्टिट्यूट मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "IPL को नए रास्ते दिखाने चाहिए।"
चोपड़ा का मानना है कि IPL का मिड-सीज़न ट्रांसफर नियम अभी तक सही तरह से उपयोग नहीं हुआ। उन्होंने सुझाव दिया कि हर टीम को कम से कम तीन खिलाड़ियों को इस नियम के लिए नामित करना चाहिए।
उनके मुताबिक, लेग-साइड वाइड का नियम बहुत सख्त है। उन्होंने कहा कि एक स्पष्ट लाइन बनाई जानी चाहिए, ताकि सिर्फ सचमुच ना खेलने लायक गेंद को ही वाइड कहा जाए।
चोपड़ा ने ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) से प्रेरणा लेते हुए कहा कि IPL में भी पावर सर्ज लागू किया जा सकता है। इसमें बल्लेबाजी टीम किसी भी समय दो ओवर का मिनी-पावरप्ले ले सकती है।