Vidur Niti: महाभारत के मुख्य पात्रों में से एक महात्मा विदुर, धृतराष्ट्र और पांडु के भाई थे और वे हस्तिनापुर के प्रधानमंत्री थे। शास्त्रों, वेदों और राजनीति को लेकर उनकी बड़ी गहरी सोच थी। उनके अथाह ज्ञान की वजह से उनकी बातों को कोई आसानी से काट नहीं पाता था। आज हम महात्मा विदुर की उस नीति के बारे में आपको बताएंगे जिसमें उन्होंने कुछ कार्यों को अकेले में करने से मना किया है।
महात्मा विदुर कहते हैं कि स्वादिष्ट भोजन अकेले में नहीं खाना चाहिए। स्वादिष्ट भोजन को हमेशा दूसरों के साथ मिल बांटकर ही खाना चाहिए। इससे खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।
विदुर नीति अनुसार जब कोई निर्णय लेना हो, तो किसी से इस विषय में पूछ लेना ही उचित होता है। क्योंकि इससे निर्णय के गलत साबित होने का खतरा कम हो जाता है।
विदुर नीति अनुसार व्यक्ति को अकेला रास्ता नहीं चलना चाहिए। इससे इंसान को बचकर रहना चाहिए क्योंकि इससे नुकसान होने की ज्यादा संभावना रहती है।
विदुर नीति अनुसार, जहां सभी सोए हुए हो, तो वहां अकेले जागते रहना व्यर्थ है। ऐसी जगह पर इंसान को अकेले जागने से बचना चाहिए।