खुशियां आ गईं इन 6 राशियों के द्वार, शनि-सूर्य के बीच बना द्विद्वादश योग बढ़ाएगा मान-सम्मान

Surya-Shani Dwidwadash Yog 2026: 29 अप्रैल को सूर्य और शनि एक दूसरे से 30 डिग्री पर आ गए हैं। इससे दोनों ग्रहों के बीच द्विद्वादश योग का निर्माण हो गया है। यह योग कुछ राशि वालों की लाइफ में भारी खुशियां लेकर आएगा। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं, जिनकों लाभ होना लगभग तय है।

Authored by: मोहित तिवारीUpdated Apr 29 2026, 21:15 IST
शनि-सूर्य ने बनाया द्विद्वादश योग01 / 10

शनि-सूर्य ने बनाया द्विद्वादश योग

Surya-Shani Dwidwadash Yog 2026: 29 अप्रैल 2026 की सुबह 11 बजकर 32 मिनट पर सूर्य और शनि 30 डिग्री की दूरी पर आ गए हैं, जिससे द्विद्वादश योग का निर्माण हुआ है। इस समय सूर्य मेष राशि में उच्च स्थिति में हैं, जबकि शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष में सूर्य को आत्मबल, पद-प्रतिष्ठा और नेतृत्व का कारक माना जाता है, वहीं शनि कर्म, अनुशासन, मेहनत और परिणाम का ग्रह है। हालांकि दोनों में प्राकृतिक शत्रुता मानी जाती है, लेकिन द्विद्वादश (2-12) संबंध इसको लाभ में बदल देता है। यह योग 15 मई तक शुभ फल देता रहेगा। कई बार यह योग छिपे हुए अवसर, विदेशी संबंध, आध्यात्मिक ग्रोथ और बैकएंड सफलता भी देता है।

​क्या होता है द्विद्वादश योग का प्रभाव?​02 / 10

​क्या होता है द्विद्वादश योग का प्रभाव?​

जब दो ग्रह एक-दूसरे से 12वें और 2वें स्थान पर होते हैं, तो इसे द्विद्वादश संबंध कहा जाता है। यह स्थिति खर्च और कमाई, त्याग और लाभ, बाहरी और आंतरिक जीवन के बीच संतुलन बनाने का काम करती है। सूर्य जहां अहं, पहचान और सामने की सफलता देता है, वहीं शनि पर्दे के पीछे मेहनत करवाकर स्थायी परिणाम देता है। ऐसे में यह योग उन लोगों के लिए खास रहता है, जो लंबे समय से मेहनत कर रहे हैं और अब धीरे-धीरे उसका परिणाम देखना चाहते हैं।

​मेष राशि (Aries)​03 / 10

​मेष राशि (Aries)​

मेष राशि के लिए यह योग सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहेगा, क्योंकि सूर्य आपकी राशि में उच्च के होकर पहले भाव में स्थित हैं, जबकि शनि बारहवें भाव में हैं। पहला भाव व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और पहचान का होता है, वहीं बारहवां भाव विदेश, खर्च और आध्यात्मिकता का माना जाता है। इस योग के कारण आप अपनी पर्सनैलिटी में बड़ा बदलाव महसूस करेंगे। विदेश से जुड़े काम, मल्टीनेशनल कंपनियों या दूर स्थानों से लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। खर्च जरूर बढ़ सकता है, लेकिन यह खर्च भविष्य के लिए निवेश साबित होगा।

​वृषभ राशि (Taurus)​04 / 10

​वृषभ राशि (Taurus)​

वृषभ राशि के लिए यह योग 12वें और 11वें भाव के बीच बन रहा है। शनि आपके लाभ भाव में और सूर्य खर्च भाव में स्थित हैं। यह स्थिति संकेत देती है कि आपकी इनकम में वृद्धि हो सकती है, लेकिन साथ ही खर्च भी बढ़ेंगे। खास बात यह है कि यह खर्च बेकार नहीं होगा, बल्कि किसी बड़े लक्ष्य या निवेश से जुड़ा हो सकता है। नेटवर्किंग के जरिए आपको नए अवसर मिलेंगे और बड़े लोगों से संपर्क बन सकता है।

​मिथुन राशि (Gemini)​05 / 10

​मिथुन राशि (Gemini)​

मिथुन राशि के लिए यह योग करियर (10वां भाव) और लाभ (11वां भाव) के बीच बन रहा है। शनि दसवें भाव में मेहनत करवा रहे हैं और सूर्य ग्यारहवें भाव में परिणाम दे रहे हैं। यह स्थिति बेहद शुभ मानी जाती है, क्योंकि इसमें मेहनत का सीधा लाभ मिलता है। करियर में प्रमोशन, नई जिम्मेदारी या नई नौकरी के योग बन सकते हैं। आपकी इनकम में भी सुधार होगा और आपकी पहचान मजबूत होगी।

​सिंह राशि (Leo)​06 / 10

​सिंह राशि (Leo)​

सिंह राशि के लिए यह योग भाग्य (9वां भाव) और अष्टम (8वां भाव) के बीच बन रहा है। सूर्य आपके नवम भाव में हैं, जो भाग्य और धर्म का घर है, जबकि शनि अष्टम भाव में परिवर्तन और गहराई ला रहे हैं। यह योग आपको अचानक मिलने वाले लाभ और जीवन में बड़े बदलाव दे सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा, लेकिन साथ ही आपको अंदर से मजबूत बनने का मौका भी मिलेगा। रिसर्च, इन्वेस्टमेंट या गूढ़ विषयों में सफलता मिल सकती है।

​धनु राशि (Sagittarius)​07 / 10

​धनु राशि (Sagittarius)​

धनु राशि के लिए यह योग पंचम और चतुर्थ भाव के बीच बन रहा है। सूर्य पंचम भाव में रचनात्मकता, शिक्षा और प्रेम जीवन को मजबूत कर रहे हैं, वहीं शनि चौथे भाव में स्थिरता और जिम्मेदारी दे रहे हैं। यह योग स्टूडेंट्स और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों के लिए बेहद शुभ है। प्रॉपर्टी या घर से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

​मकर राशि (Capricorn)​08 / 10

​मकर राशि (Capricorn)​

मकर राशि के लिए यह योग तीसरे और चौथे भाव के बीच बन रहा है। शनि तीसरे भाव में साहस और प्रयास बढ़ा रहे हैं, जबकि सूर्य चौथे भाव में घरेलू जीवन और सुख-सुविधाओं को प्रभावित कर रहे हैं। यह योग संकेत देता है कि आपके प्रयासों से आपको घर-परिवार या प्रॉपर्टी से जुड़ा लाभ मिल सकता है। छोटे-छोटे प्रयास बड़े परिणाम दे सकते हैं और आपकी मेहनत धीरे-धीरे रंग लाएगी।

​क्यों शुभ है यह योग?​09 / 10

​क्यों शुभ है यह योग?​

हालांकि सूर्य और शनि के बीच शत्रुता मानी जाती है, लेकिन इस बार सूर्य उच्च राशि में हैं और शनि स्थिरता दे रहे हैं। ऐसे में यह योग संघर्ष के बाद मिलने वाली सफलता का संकेत देता है। यह योग व्यक्ति को अनुशासन और आत्मविश्वास दोनों देता है, जिससे वह अपने लक्ष्य को हासिल कर पाता है।

​डिसक्लेमर​10 / 10

​डिसक्लेमर​

यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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