जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पूरी तरह पस्त हो गई लेकिन अंतिम वनडे में जब उन्होंने अपनी प्लेइंग-11 मैदान पर उतारी तो सब हैरान रह गए, क्योंकि इसी प्लेइंग-11 के जरिए उन्होंने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज़ के तीसरे वनडे मैच में जिम्बाब्वे सिर्फ 1 विकेट से मुकाबला हार गया। वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मैच के अंतिम समय में दबाव में भी संयम बनाए रखा और सिर्फ एक गेंद बाकी रहते हुए रोमांचक जीत हासिल की, साथ ही सीरीज़ में 3-0 से क्लीन स्वीप भी किया।
जिम्बाब्वे की टीम ने अपने घरेलू मैदान पर खेलते हुए तीसरे वनडे मैच में 271 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। इसमें कप्तान सिकंदर रज़ा (81) ने सबसे ज्यादा रन बनाए। जवाब में उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए जोश इंग्लिस (103) ने शानदार शतकीय पारी खेली। हालांकि, 36 रन की पारी खेलने के साथ 10वें विकेट के लिए 27 रनों की अटूट पार्टनरशिप करने वाले नाथन एलिस मैच के स्टार रहे जिन्होंने अंतिम क्षणों में धैर्य रखते हुए ऑस्ट्रेलिया को 1 विकेट से जीत दिला दी।
इस मैच में जिम्बाब्वे की प्लेइंग-11 में 40 साल से ज्यादा उम्र के चार खिलाड़ी शामिल थे, इस तरह ज़िम्बाब्वे वनडे मैच की प्लेइंग इलेवन में 40 साल से ज्यादा उम्र के चार खिलाड़ियों को उतारने वाला पहला टेस्ट मान्यता प्राप्त देश बन गया है। कुल मिलाकर इस फ़ॉर्मेट के इतिहास में ऐसा होने का ये सिर्फ तीसरा मामला है।
इससे पहले जिम्बाब्वे सीरीज़ के पहले वनडे मैच की प्लेइंग XI में 40 साल से ज़्यादा उम्र के तीन खिलाड़ियों को उतारने वाली पहली पूर्ण-सदस्य टीम बनी थी। टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले देशों में ऐसा कोई उदाहरण नहीं है जब टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 40 साल से ज़्यादा उम्र के चार खिलाड़ी खेले हों। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में किसी टीम की प्लेइंग-11 में चार या उससे ज्यादा खिलाड़ियों के खेलने के कई उदाहरण रहे हैं, लेकिन ऐसा आखिरी बार 1951 में हुआ था।
ग्रीम क्रेमर अपने जन्मदिन के ठीक एक दिन बाद जिम्बाब्वे की प्लेइंग इलेवन में लौटे थे और वो भी 40 साल के हो गए हैं। ये इस ऑलराउंडर का 8 साल से ज्यादा समय में जिम्बाब्वे के लिए पहला वनडे मैच था। उन्होंने अपना पिछला मैच 2018 में UAE के खिलाफ खेला था।
ऑस्ट्रेलिया-जिम्बाब्वे वनडे सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के कूपर कॉनली को दिया गया। कॉनली ने इस सीरीज में 150 रन बनाए और साथ ही गेंदबाजी के दौरान 3 विकेट भी लिए।