Hockey World Cup 2026: अनुभवी गोलकीपर और पूर्व कप्तान सविता पूनिया का मानना है कि FIH नेशंस कप का खिताब भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। उनके मुताबिक इस जीत ने टीम को ये यकीन दिलाया है कि वो आगामी महिला हॉकी विश्व कप में दुनिया की टॉप टीमों को टक्कर देकर पोडियम तक पहुंच सकती है। सविता ने जियोस्टार से बात करते हुए कहा, "नेशंस कप जीतना बड़ी उपलब्धि थी क्योंकि इसमें सभी टॉप टीमें थीं। इससे हमारा मनोबल काफी बढ़ा है और हमें आत्मविश्वास मिला है कि हम किसी भी टूर्नामेंट में पोडियम पर पहुंच सकते हैं।"
भारत ने जीता FIH नेशंस कप का खिताब
सविता ने कहा कि FIH प्रो लीग में अर्जेंटीना, नीदरलैंड और जर्मनी जैसी टीमों के खिलाफ करीबी मुकाबले भी इस बात का सबूत हैं कि भारत अब बराबरी की टक्कर दे रहा है। "उन मैचों ने हमें दिखाया कि हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों का मुकाबला कर सकते हैं।" भारत 16 अगस्त से चीन के खिलाफ विश्व कप अभियान शुरू करेगा। इसके बाद पूल D में टीम का सामना दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड से होगा। नेशंस कप की ट्रॉफी और प्रो लीग के अनुभव के साथ इस बार भारतीय टीम इतिहास बदलने के इरादे से उतरेगी। सविता और उनकी टीम को उम्मीद है कि इस बार पोडियम का सूखा खत्म होगा।
पिछला रिकॉर्ड और चुनौती
बता दें कि साल 2022 में नीदरलैंड और स्पेन में हुए विश्व कप में सविता पूनिया की कप्तानी में भारत ने पूल B में इंग्लैंड और चीन से ड्रॉ खेला था, लेकिन न्यूजीलैंड से हार गया था। हालांकि क्रॉसओवर में भारत ने कनाडा को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 और फिर जापान को 3-1 से हराकर 9वें स्थान पर फिनिश किया था। उस टूर्नामेंट का खिताब मेजबान नीदरलैंड ने अर्जेंटीना को 3-1 से हराकर जीता था, जबकि ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा था।
महिला हॉकी का लंबा सफर
भारतीय हॉकी की बात होते ही 8 बार की ओलंपिक चैंपियन पुरुष टीम की विरासत याद आती है। लेकिन महिला हॉकी का सफर संघर्ष और खुद को साबित करने वाला रहा है। 1974 में फ्रांस में हुए पहले विश्व कप में भारत चौथे स्थान पर रहा था। तब से अब तक 15 विश्व कप में से भारत सिर्फ 8 बार ही क्वालीफाई कर पाया है। महिला विश्व कप पर अब तक सिर्फ 4 देशों का राज रहा है। नीदरलैंड 9 बार चैंपियन बनी है। अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी ने 2-2 बार खिताब जीता है।
