Guru Gochar 2026: देवगुरु बृहस्पति अभी सिंह राशि में पहुंच चुके हैं। यहां वे 86 दिनों तक रहेंगे। इससे कुछ राशि वालों का गोल्डन टाइम स्टार्ट हो गया है। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं।
मेष राशि वालों के लिए देवगुरु बृहस्पति पांचवें भाव में गोचर कर रहे हैं। यह भाव शिक्षा, संतान, बुद्धि, प्रेम संबंध और रचनात्मकता का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए यह समय अच्छा रह सकता है। उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में जुटे युवाओं को भी अपनी मेहनत का लाभ मिलने की संभावना है। गुरु की नौवीं दृष्टि मेष राशि के नौवें भाव पर पड़ रही है, जो भाग्य, उच्च शिक्षा और लंबी यात्राओं का भाव है। इससे किस्मत का साथ मिल सकता है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बनेंगे। बिजनेस करने वालों को नए संपर्कों से फायदा हो सकता है। गुरु की सातवीं दृष्टि ग्यारहवें भाव पर होने से आमदनी बढ़ाने के अवसर भी मिल सकते हैं। वहीं पहली दृष्टि लग्न पर होने से आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है। कुल मिलाकर मेष राशि वालों के लिए यह गोचर शिक्षा, करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक रहने के संकेत दे रहा है।
कर्क राशि वालों के लिए गुरु दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष में दूसरा भाव धन, बचत, परिवार और वाणी का माना जाता है। इस भाव में बृहस्पति का आना आर्थिक मामलों के लिए शुभ संकेत है। नौकरीपेशा लोगों की आय में बढ़ोतरी हो सकती है। सैलरी बढ़ने, इंसेंटिव मिलने या किसी दूसरे माध्यम से धन आने के योग बन सकते हैं। बिजनेस करने वालों को पुराने संपर्कों और ग्राहकों से लाभ मिल सकता है। गुरु की नौवीं दृष्टि कर्क राशि के दसवें भाव पर पड़ रही है। इससे करियर और कार्यक्षेत्र में तरक्की के अवसर बनेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और आपके काम को पहचान मिल सकती है। गुरु की पांचवीं दृष्टि छठे भाव पर होने से नौकरी में प्रतिस्पर्धा और विरोधियों से जुड़े मामलों में भी मदद मिल सकती है। हालांकि आर्थिक मामलों में लापरवाही न करें। आमदनी बढ़ने के साथ बचत और निवेश की योजना बनाना भी जरूरी होगा। यह गोचर कर्क राशि वालों के लिए धन और करियर दोनों मोर्चों पर अच्छे परिणाम दे सकता है।
तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर ग्यारहवें भाव में हो रहा है। ज्योतिष में यह भाव लाभ, आमदनी, इच्छाओं की पूर्ति और बड़े संपर्कों का माना जाता है। यही वजह है कि सिंह राशि में बृहस्पति का प्रवेश तुला राशि वालों के लिए खास तौर पर शुभ माना जा सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि का मौका मिल सकता है। लंबे समय से किसी आर्थिक लाभ का इंतजार कर रहे जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। बिजनेस करने वालों के लिए भी यह समय अनुकूल रह सकता है। नए क्लाइंट, बड़े ऑर्डर और प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनने की संभावना है। गुरु की सातवीं दृष्टि पांचवें भाव पर होने से शिक्षा, प्रेम संबंध और संतान से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। नौवीं दृष्टि सातवें भाव पर पड़ने से विवाह और बिजनेस पार्टनरशिप के लिए भी सकारात्मक परिस्थितियां बन सकती हैं। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और नए लोगों से मिलने का फायदा भविष्य में मिल सकता है। तुला राशि वालों के लिए यह गोचर आमदनी और इच्छाओं की पूर्ति के लिहाज से सबसे मजबूत संकेतों में से एक है।
धनु राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति नौवें भाव में गोचर कर रहे हैं। यह भाव भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा, लंबी यात्राओं, पिता और गुरु से जुड़ा है। गुरु का इस भाव में आना सामान्य रूप से शुभ माना जाता है। इस दौरान आपके रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी और बिजनेस में नए अवसर मिलेंगे। उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिल सकती है। विदेश में पढ़ाई या नौकरी की योजना बना रहे जातकों को भी आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। बृहस्पति धनु राशि के स्वामी भी हैं। ऐसे में नौवें भाव में उनका गोचर आत्मविश्वास और फैसले लेने की क्षमता को मजबूती दे सकता है। गुरु की पांचवीं दृष्टि लग्न पर पड़ने से व्यक्तित्व में निखार आएगा और आपकी बातों को महत्व मिल सकता है। सातवीं दृष्टि तीसरे भाव पर होने से साहस, कम्युनिकेशन और प्रयासों को बल मिलेगा। पांचवीं भाव पर नौवीं दृष्टि पड़ने से शिक्षा, संतान और रचनात्मक कामों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। धनु राशि वालों के लिए यह गोचर भाग्य और तरक्की के नए रास्ते खोल सकता है।
कुंभ राशि वालों के लिए बृहस्पति सातवें भाव में गोचर कर रहे हैं। यह भाव विवाह, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनरशिप और पब्लिक डीलिंग का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में अविवाहित जातकों के विवाह की बातचीत आगे बढ़ सकती है। रिश्ते की तलाश कर रहे लोगों को अच्छा प्रस्ताव मिल सकता है। शादीशुदा लोगों के लिए आपसी समझ और तालमेल बेहतर करने का अवसर रहेगा। बिजनेस करने वाले जातकों को नए पार्टनर या क्लाइंट मिल सकते हैं। किसी नए समझौते या प्रोजेक्ट से लाभ मिलने की संभावना है। गुरु की सातवीं दृष्टि कुंभ राशि के लग्न पर पड़ रही है, जिससे आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। पांचवीं दृष्टि ग्यारहवें भाव पर होने से आमदनी और लाभ के नए रास्ते बन सकते हैं। नौवीं दृष्टि तीसरे भाव पर पड़ने से कम्युनिकेशन, मार्केटिंग और अपने प्रयासों से सफलता पाने में मदद मिल सकती है। कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर विवाह, बिजनेस और आर्थिक लाभ के लिहाज से शुभ संकेत दे रहा है।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।