गणेश चतुर्थी की पूजा में जरूर पढ़ें ये 5 गणेश जी के मंत्र, विघ्नहर्ता दूर करेंगे जीवन के सारे संकट

गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा में मंत्र जाप का विशेष महत्व माना जाता है। जानें 5 सरल और प्रभावशाली गणेश मंत्र, जिनका श्रद्धापूर्वक जाप विघ्न-बाधाओं से मुक्ति, सकारात्मकता, बुद्धि और शुभ कार्यों की सफलता की कामना के लिए किया जाता है।

Authored by: gulshan kumarUpdated Sep 12 2026, 11:07 IST
​गणेश पूजन के मंत्र​Image Credit : Pinterest01 / 07

​गणेश पूजन के मंत्र​

गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की आराधना और उनके आशीर्वाद से जीवन में शुभता का स्वागत करने का अवसर माना जाता है। गणेश चतुर्थी की पूजा में यदि श्रद्धा के साथ गणेश मंत्रों का जाप किया जाए, तो मन को एकाग्र करने और सकारात्मक भाव जगाने में सहायता मिलती है। आइए जानते हैं ऐसे 5 मंत्र, जिनका जाप गणेश पूजा के दौरान किया जा सकता है।

​ॐ गं गणपतये नमः​Image Credit : Pinterest02 / 07

​ॐ गं गणपतये नमः​

यह भगवान गणेश का सबसे सरल और लोकप्रिय मंत्र माना जाता है। गणेश चतुर्थी की पूजा में इस मंत्र का जाप आसानी से किया जा सकता है। मान्यता है कि 'गं' गणेश जी का बीज मंत्र है। श्रद्धालु पूजा के दौरान 108 बार इस मंत्र का जाप कर सकते हैं। नियमित जाप से मन को शांति और एकाग्रता मिलने की धार्मिक मान्यता है।

वक्रतुण्ड महाकाय मंत्रImage Credit : Pinterest03 / 07

वक्रतुण्ड महाकाय मंत्र

गणेश जी की पूजा में इस मंत्र का विशेष महत्व माना जाता है। मंत्र है— 'वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभकार्येषु सर्वदा॥' इसका भावार्थ है कि हे विशाल शरीर और करोड़ों सूर्य के समान तेज वाले भगवान गणेश, मेरे सभी शुभ कार्यों को हमेशा बिना किसी बाधा के पूर्ण करें। किसी नए काम की शुरुआत से पहले भी इसका जाप किया जाता है।

​गणेश गायत्री मंत्र​Image Credit : Pinterest04 / 07

​गणेश गायत्री मंत्र​

गणेश गायत्री मंत्र भी गणपति आराधना में महत्वपूर्ण माना जाता है- 'ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।' धार्मिक मान्यता के अनुसार यह मंत्र भगवान गणेश के स्वरूप का ध्यान करते हुए बुद्धि और विवेक के लिए प्रार्थना करता है। गणेश चतुर्थी के दिन शांत मन से इसका जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है।

​ॐ श्री गणेशाय नमः​Image Credit : Pinterest05 / 07

​ॐ श्री गणेशाय नमः​

छोटा और सरल होने के कारण यह मंत्र हर उम्र के व्यक्ति आसानी से जप सकता है। पूजा के दौरान गणेश जी को पुष्प, दूर्वा और मोदक अर्पित करते हुए इस मंत्र का जाप किया जा सकता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार भगवान गणेश का स्मरण शुभता, सफलता और मंगल भाव से जुड़ा हुआ है।

​ऋणहर्ता गणेश मंत्र​Image Credit : Pinterest06 / 07

​ऋणहर्ता गणेश मंत्र​

जीवन में आर्थिक परेशानियों से मुक्ति की कामना के लिए भी गणेश जी की आराधना की जाती है। इसके लिए 'ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट्' मंत्र का जाप किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इसे ऋण और आर्थिक बाधाओं से मुक्ति की कामना से जोड़ा गया है। इसका जाप हमेशा श्रद्धा और उचित विधि के साथ करना चाहिए।

पूजा में मंत्र जाप का सही तरीकाImage Credit : Pinterest07 / 07

पूजा में मंत्र जाप का सही तरीका

गणेश चतुर्थी पर सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल की सफाई करें। भगवान गणेश को दूर्वा, लाल फूल, सिंदूर और मोदक अर्पित करें। इसके बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार किसी एक या सभी मंत्रों का जाप करें। संभव हो तो 108 बार जाप के लिए माला का प्रयोग करें।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!