शिमला पहुंचने के लिए पहले कालका तक ट्रेन लें। यहां से यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज कालका-शिमला टॉय ट्रेन में सफर कर सकते हैं। पहाड़ों, देवदार के जंगलों और सुरंगों के बीच से गुजरता इसका रास्ता बेहद खूबसूरत है।
दार्जिलिंग का नजदीकी बड़ा रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी यानी NJP है। यहां से टैक्सी या दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की टॉय ट्रेन ली जा सकती है। चाय के बागान और कंचनजंगा के नजारे इसकी खासियत हैं।
ऊटी के लिए पहले मेट्टुपालयम रेलवे स्टेशन पहुंचें। यहां से नीलगिरि माउंटेन रेलवे की टॉय ट्रेन ऊटी तक जाती है। हरी घाटियां, छोटे पुल, झरने और घने जंगल पूरे सफर को यादगार बना देते हैं।
माथेरान का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन नेरल है। नेरल से टॉय ट्रेन या टैक्सी द्वारा माथेरान पहुंचा जा सकता है। खास बात यह है कि माथेरान में गाड़ियों के प्रवेश पर रोक है, इसलिए यहां शांति और साफ हवा महसूस होती है।
राजस्थान के इस इकलौते हिल स्टेशन का नजदीकी स्टेशन आबू रोड है। स्टेशन से माउंट आबू करीब 28 किलोमीटर दूर है। नक्की झील, गुरु शिखर और दिलवाड़ा जैन मंदिर यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।
मसूरी जाने के लिए देहरादून तक ट्रेन से पहुंच सकते हैं। देहरादून रेलवे स्टेशन से मसूरी करीब 35 किलोमीटर दूर है। पहाड़ी रास्ते से गुजरते हुए दून घाटी के शानदार नजारे दिखाई देते हैं।
कसौली के लिए कालका सबसे सुविधाजनक रेलवे स्टेशन है। कालका से टैक्सी द्वारा लगभग डेढ़ घंटे में कसौली पहुंचा जा सकता है। देवदार के जंगल, औपनिवेशिक इमारतें और शांत माहौल इसे छोटी छुट्टी के लिए खास बनाते हैं।