Chandra Rahu Grahan Yog 2026: 21 अक्टूबर 2026 की सुबह 7 बजे चंद्रमा मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश कर गए हैं। कुंभ राशि में राहु पहले से मौजूद हैं। ऐसे में चंद्रमा के यहां पहुंचने से दोनों ग्रहों की युति बन रही है, जिसे ज्योतिष में चंद्र-राहु ग्रहण योग कहा जाता है। चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक शांति और निर्णय लेने की क्षमता का कारक माना जाता है, जबकि राहु भ्रम, अचानक बदलाव और असामान्य परिस्थितियों से जुड़ा है। ऐसे में दोनों ग्रहों का संयोग कुछ लोगों के लिए मानसिक उलझन, गलतफहमी और फैसलों में अस्थिरता बढ़ाने वाला हो सकता है। इस ग्रहण योग का असर सभी 12 राशियों पर एक जैसा नहीं होगा। चंद्रमा कुंभ राशि में होने के कारण अलग-अलग चंद्र राशियों से उसका भाव बदल जाएगा। किसी राशि के लिए यह युति धन और परिवार से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकती है, तो किसी के लिए शादी, प्रेम संबंध, करियर या मानसिक शांति से जुड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। चंद्रमा और राहु की युति को देखते हुए कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि वालों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं कि इन राशियों को किन मामलों में सतर्क रहना होगा और हर राशि के लिए कौन-सा उपाय शुभ रहेगा।
कर्क राशि वालों के लिए चंद्रमा और राहु का ग्रहण योग आठवें भाव में बन रहा है। यह भाव अचानक बदलावों, साझा धन, कर्ज और छिपे हुए मामलों से जुड़ा है। ऐसे में किसी पुराने आर्थिक मामले को लेकर उलझन बढ़ सकती है। बीमा, लोन, टैक्स या किसी दूसरे व्यक्ति के साथ पैसों के लेन-देन में सावधानी रखनी होगी। किसी की बात पर तुरंत भरोसा करके आर्थिक फैसला लेना नुकसानदायक हो सकता है। इस दौरान मन में बेवजह की आशंकाएं भी बढ़ सकती हैं, इसलिए किसी समस्या को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचें। भगवान शिव की पूजा करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। आर्थिक दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें और बिना पूरी जानकारी के कोई जोखिम न लें।
सिंह राशि वालों के लिए यह ग्रहण योग सातवें भाव में बन रहा है। सातवां भाव शादी, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनरशिप और दूसरे लोगों के साथ होने वाले समझौतों का है। ऐसे में पति-पत्नी के बीच छोटी बातों को लेकर मतभेद बढ़ सकते हैं। बिजनेस करने वालों को पार्टनर के साथ किसी डील, भुगतान या जिम्मेदारी को लेकर गलतफहमी का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी में क्लाइंट्स या सहकर्मियों के साथ बातचीत करते समय भी शब्दों का चयन सोच-समझकर करना होगा। किसी की बात को गलत समझकर तुरंत प्रतिक्रिया देने से विवाद बढ़ सकता है। भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर से जरूरी बातचीत शांत मन से करें और किसी भी समझौते की शर्तें स्पष्ट रखें।
तुला राशि वालों के लिए चंद्रमा-राहु का ग्रहण योग पांचवें भाव को प्रभावित करेगा। यह भाव शिक्षा, बुद्धि, प्रेम संबंधों, संतान और क्रिएटिव कामों से जुड़ा है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने में परेशानी हो सकती है या किसी परीक्षा की तैयारी को लेकर असमंजस बढ़ सकता है। प्रेम संबंधों में छोटी बात को लेकर शक या गलतफहमी पैदा हो सकती है। क्रिएटिव काम करने वाले लोगों को किसी आइडिया पर फैसला लेने में परेशानी आ सकती है। इस दौरान शेयर बाजार या दूसरे जोखिम वाले निवेशों में भावनाओं के आधार पर फैसला लेने से बचें। भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। पढ़ाई और काम के लिए नियमित रूटीन बनाएं तथा निवेश करने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें।
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह ग्रहण योग चौथे भाव में बन रहा है। चौथा भाव घर, परिवार, माता, प्रॉपर्टी और मानसिक शांति से जुड़ा है। इस दौरान घर के किसी पुराने मुद्दे को लेकर तनाव बढ़ सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत में गलतफहमी होने या घरेलू जिम्मेदारियों के कारण परेशानी महसूस होने की आशंका रहेगी। प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने या घर से जुड़े किसी समझौते में जल्दबाजी न करें। जरूरी दस्तावेजों की जांच करना भी अहम होगा। मन में चल रही उलझनों के कारण किसी करीबी व्यक्ति से दूरी बनाने के बजाय खुलकर बातचीत करना बेहतर रहेगा। भगवान शिव का जलाभिषेक करें और माता-पिता का आशीर्वाद लें। घर में विवाद बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्वक समस्या सुलझाने की कोशिश करें।
कुंभ राशि में ही चंद्रमा और राहु की युति बनने से इस राशि के जातकों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। यह युति पहले भाव में बन रही है, जिसका संबंध व्यक्तित्व, व्यवहार, आत्मविश्वास और सोच से है। इस दौरान मन में उलझन बढ़ सकती है और किसी फैसले को लेकर बार-बार विचार बदल सकता है। छोटी बातों को लेकर बेचैनी या दूसरों की बातों का गलत अर्थ निकालने की स्थिति बन सकती है। नौकरी और बिजनेस में किसी नए फैसले पर तुरंत अमल करने के बजाय उसके सभी पहलुओं पर विचार करें। निजी रिश्तों में भी बिना वजह शक करने से बचें। भगवान शिव की पूजा करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। कुछ समय ध्यान या शांत बैठने के लिए निकालें और मानसिक उलझन की स्थिति में बड़े फैसले टाल दें।
मीन राशि वालों के लिए चंद्रमा-राहु का ग्रहण योग बारहवें भाव में बन रहा है। यह भाव खर्च, नींद, विदेश से जुड़े मामलों और एकांत से संबंधित है। इस दौरान गैरजरूरी खर्च बढ़ सकते हैं या आर्थिक योजना बिगड़ सकती है। विदेश में पढ़ाई या नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को दस्तावेजों और आवेदन की दोबारा जांच करनी चाहिए। किसी काम में देरी होने पर जल्दबाजी में नया फैसला लेने से बचें। मानसिक तनाव के कारण नींद और दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। अनजान लोगों के आर्थिक प्रस्तावों पर तुरंत भरोसा करने के बजाय उनकी पूरी जांच करें। भगवान गणेश की पूजा करें और जरूरतमंद व्यक्ति को हरी मूंग या पढ़ाई से जुड़ी सामग्री दान करें। सोने-जागने का समय नियमित रखें और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण करें।