जापान में CM योगी ने जिस तकनीक पर किया करार, क्या है वह ग्रीन हाइड्रोजन और हाइड्रोजन ईंधन से कैसे है अलग?

Green Hydrogen: क्या आप जानते हैं कि जिस हाइड्रोजन को हम सबसे साफ ईंधन मानते हैं, लेकिन उसे बनाने की प्रक्रिया पर्यावरण पर भारी पड़ सकती है? यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में जापान में जिस Green Hydrogen तकनीक को समझा, वह ऊर्जा की दुनिया में क्रांति लाने वाली है। आइए आसान भाषा में जानते हैं ग्रीन हाइ़ड्रोजन के बारे में।

Authored by: निशांत तिवारीUpdated Feb 26 2026, 15:08 IST
​क्यों चर्चा में है ग्रीन हाइड्रोजन?    Image Credit : Canva01 / 07

​क्यों चर्चा में है ग्रीन हाइड्रोजन?

यूपी के CM योगी आदित्यनाथ फिलहाल जापान के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने एक ग्रीन हाइड्रोजन फैसिलिटी का दौरा किया। इस दौरान यूपी और जापान के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर एक समझौता भी साइन हुआ। अब इसी के साछ साइंस में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के मन में एक सवाल आ सकता है, कि ग्रीन हाइड्रोजन क्या है और ईंधन की तरह इस्तेमाल होने वाले सामान्य हाइ़ड्रोजन से यह अलग कैसे है।

ग्रीन फ्यूल ही विकल्पImage Credit : Canva02 / 07

ग्रीन फ्यूल ही विकल्प

ऊर्जा की खपत की दर भी विकास के साथ ही पूरी दुनिया में लगातार बढ़ती जा रही है। ये बात तो आप जानते ही हैं कि ऊर्जा का दुष्परिणाम भी दुनिया को देखना पड़ता है। कार्बन उत्सर्जन लगातार बढ़ रहा है, जो ग्लोबल वॉर्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसे नतीजों के लिए जिम्मेदार हैं। ऐसे में दुनिया ग्रीन फ्यूल का विकल्प चुनना चाहती है।

सबसे अच्छा ईंधन क्यों?    Image Credit : Canva03 / 07

सबसे अच्छा ईंधन क्यों?

ग्रीन फ्यूल में भी सबसे शानदार विकल्प हाइड्रोजन को माना जाता है, क्योंकि इसके कुछ खास बाइप्रोडक्ट नहीं निकलते। तो सवाल यह उठता है कि हाइड्रोजन ईंधन की चल रही बात में यह ग्रीन हाइड्रोजन क्या है। आइए इसके बारे में नीचे की स्लाइड्स में जानते हैं।

हाइड्रोडन ईंधनImage Credit : Canva04 / 07

हाइड्रोडन ईंधन

सभी ईंधनों से ऊर्जा लेने के लिए जब उनका Combustion यानी ऑक्सीजन से रिएक्शन कराया जाता है, तो ऊर्जा देने के साथ, ऑर्गैनिक कंपाउंड होने के नाते वह कार्बन डाई ऑक्साइड बनाता है। इस मामले में हाइड्रोजन को सबसे अच्छा ईंधन इसलिए माना जाता है कि इससे एनर्जी लेने के लिए जब इसका combustion कराया जाता है, तो यह ऑक्सीजन के साथ मिलकर अपना बाइप्रोडक्ट भाप (H20) बनाता है।

ग्रीन ईंधन में क्रांतिImage Credit : Canva05 / 07

ग्रीन ईंधन में क्रांति

कार्बन इमीशन को कम करने की कड़ी में इस तरह का ईंधन किसी क्रांति से कम नहीं है, लेकिन इसके साथ एक समस्या है। हाइड्रोजन को बनाने में बेतहाशा ऊर्जा खर्च होती है। इसके लिए जिस प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है, उसमें कार्बन भी खूब पैदा होता है।

कैसे बनाते हैं हाइड्रोजनImage Credit : Canva06 / 07

कैसे बनाते हैं हाइड्रोजन

वैसे तो धरती पर अथाह पानी है, जो दो हाइड्रोजन और एक ऑक्सीजन के अणुओं से मिलकर बना होता है। लेकिन इनको तोड़कर अलग करने वाली तकनीक, जिसे इलेक्ट्रोलिसिस कहते हैं, खर्चीली होने के साथ खुद भी बहुत ऊर्जा की खपत करने वाली होती है। इसके ऊपर से इलेक्ट्रोलिसिस के लिए किसी ऐसे साधन का इस्तेमाल किया जाए, जो कार्बन भी पैदा करता हो, तो बात और खराब हो जाती है।

ग्रीन हाइड्रोजन क्या हैImage Credit : Canva07 / 07

ग्रीन हाइड्रोजन क्या है

तो भले हाइड्रोजन ग्रीन हो उसके बनाने की प्रक्रिया ग्रीन नहीं है। अब आपको समझ में आने लगा होगा कि ग्रीन हाइड्रोजन क्या है। दरअसल ग्रीन हाइड्रोजन वह हाइड्रोजन है, जिसके उत्पादन की प्रक्रिया में कार्बन इमीशन न हो। रिन्यूएबल ऊर्जा (सौर और पवन ऊर्जा) से चलने वाली इलेक्ट्रोलिसिस तकनीक के जरिए जब पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन अलग किया जाता है, तो तैयार होने वाले हाइड्रोजन को ग्रीन हाइड्रोजन कहते हैं।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!