यह शोध ऑक्सफोर्ड के 'वायथम वुड्स' (Wytham Woods) में छह दशकों तक चले रिकॉर्ड्स पर आधारित है। वैज्ञानिकों ने दैनिक मौसम के डेटा को पक्षियों के प्रजनन काल से जोड़ा। उन्होंने यह पता लगाया कि चूजों के विकास के सबसे नाजुक समय में पड़ने वाली ठंड, गर्मी और बारिश उनके शारीरिक वजन पर क्या प्रभाव डालती है।
अध्ययन के अनुसार, चूजों के अंडों से निकलने के पहले हफ्ते में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड सबसे ज्यादा घातक होती है। जैसे-जैसे चूजे थोड़े बड़े होते हैं, भारी बारिश उनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाती है। मौसम की ये दोनों चरम स्थितियां चूजों के वजन को 3% तक कम कर सकती हैं, जिससे उनके जीवित रहने की उम्मीद घट जाती है।
शोध में एक डरावना पहलू यह सामने आया कि अगर भारी बारिश के साथ तेज गर्मी भी हो, तो नुकसान कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में घोंसला छोड़ने वाले चूजों का वजन 27% तक गिर सकता है। यह विशेष रूप से उन पक्षियों के साथ होता है जो सीजन के अंत में प्रजनन करते हैं।
नन्हे चिड़ियों के बच्चों के शरीर पर जन्म के समय पंख नहीं होते, इसलिए वे अपने शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं कर पाते। ठंड में उनकी सारी ऊर्जा विकास के बजाय खुद को गर्म रखने में खर्च हो जाती है। इसके अलावा, बारिश के कारण माता-पिता घोंसले से बाहर शिकार पर नहीं जा पाते और बारिश पेड़ों से कैटरपिलर (उनका मुख्य भोजन) को भी गिरा देती है, जिससे चूजे भूखे रह जाते हैं।
एक चौंकाने वाला सच यह भी निकला कि ऑक्सफोर्डशायर की मध्यम गर्मी चूजों के लिए फायदेमंद है। दक्षिण यूरोप जैसी तेज गर्मी के मुकाबले यहां का हल्का गर्म मौसम कीड़ों की सक्रियता बढ़ा देता है, जिससे माता-पिता को आसानी से भोजन मिल जाता है और चूजों का वजन बढ़ता है।
प्रमुख शोधकर्ता देवी सातारकर के अनुसार, जिन पक्षियों ने बदलते मौसम के साथ तालमेल बिठाकर जल्दी अंडे देना शुरू कर दिया है, वे ज्यादा सुरक्षित हैं। जल्दी प्रजनन करने से चूजों को तब भोजन मिलता है जब कैटरपिलर बहुतायत में होते हैं, जो उन्हें मौसम के झटकों से बचने के लिए एक 'बफर' या सुरक्षा कवच देता है।
जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम और अधिक अनिश्चित होता जा रहा है, पक्षियों के लिए इस रफ्तार को पकड़ पाना मुश्किल होगा। यह शोध बताता है कि भविष्य में पक्षियों को बचाने के लिए हमें 'माइक्रोक्लाइमेट' (सूक्ष्म जलवायु) और घोंसलों (Nestboxes) के सही स्थान जैसी बारीकियों पर ध्यान देना होगा।