क्लाइमेट चेंज का नया शिकार बन रहे चिड़ियों के बच्चे; शोध में हुआ खुलासा, जानें कैसे मौसम तय करता है नन्हें परिंदों की किस्मत

कुदरत का संतुलन बिगड़ने का असर अब घोंसलों के भीतर तक पहुंच गया है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के जीवविज्ञानियों ने 'ग्रेट टिट्स' (Great Tits) नामक पक्षियों की 80,000 से अधिक पीढ़ियों का 60 वर्षों तक अध्ययन किया है। 11 मार्च को प्रकाशित इस शोध में पाया गया कि जन्म के तुरंत बाद पड़ने वाली भीषण ठंड और बाद में होने वाली भारी बारिश इन नन्हे चूजों के वजन और उनके जीवित रहने की संभावना को काफी कम कर देती है। आइए, जानते हैं कि कैसे बदलता मौसम इन चिड़ियों के भविष्य को आकार दे रहा है।

Authored by: निशांत तिवारीUpdated Mar 15 2026, 12:55 IST
60 सालों का महा-अध्ययनImage Credit : Canva01 / 07

60 सालों का महा-अध्ययन

यह शोध ऑक्सफोर्ड के 'वायथम वुड्स' (Wytham Woods) में छह दशकों तक चले रिकॉर्ड्स पर आधारित है। वैज्ञानिकों ने दैनिक मौसम के डेटा को पक्षियों के प्रजनन काल से जोड़ा। उन्होंने यह पता लगाया कि चूजों के विकास के सबसे नाजुक समय में पड़ने वाली ठंड, गर्मी और बारिश उनके शारीरिक वजन पर क्या प्रभाव डालती है।

शुरुआती ठंड और बाद की बारिश नुकसानदेहImage Credit : Canva02 / 07

शुरुआती ठंड और बाद की बारिश नुकसानदेह

अध्ययन के अनुसार, चूजों के अंडों से निकलने के पहले हफ्ते में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड सबसे ज्यादा घातक होती है। जैसे-जैसे चूजे थोड़े बड़े होते हैं, भारी बारिश उनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाती है। मौसम की ये दोनों चरम स्थितियां चूजों के वजन को 3% तक कम कर सकती हैं, जिससे उनके जीवित रहने की उम्मीद घट जाती है।

जब गर्मी और बारिश मिल जाएं, तो तबाहीImage Credit : Canva03 / 07

जब गर्मी और बारिश मिल जाएं, तो तबाही

शोध में एक डरावना पहलू यह सामने आया कि अगर भारी बारिश के साथ तेज गर्मी भी हो, तो नुकसान कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में घोंसला छोड़ने वाले चूजों का वजन 27% तक गिर सकता है। यह विशेष रूप से उन पक्षियों के साथ होता है जो सीजन के अंत में प्रजनन करते हैं।

चूजों के लिए क्यों खतरनाक है ठंड और बारिश?Image Credit : Canva04 / 07

चूजों के लिए क्यों खतरनाक है ठंड और बारिश?

नन्हे चिड़ियों के बच्चों के शरीर पर जन्म के समय पंख नहीं होते, इसलिए वे अपने शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं कर पाते। ठंड में उनकी सारी ऊर्जा विकास के बजाय खुद को गर्म रखने में खर्च हो जाती है। इसके अलावा, बारिश के कारण माता-पिता घोंसले से बाहर शिकार पर नहीं जा पाते और बारिश पेड़ों से कैटरपिलर (उनका मुख्य भोजन) को भी गिरा देती है, जिससे चूजे भूखे रह जाते हैं।

हल्का तापमान, चूजों के लिए वरदानImage Credit : Canva05 / 07

हल्का तापमान, चूजों के लिए वरदान

एक चौंकाने वाला सच यह भी निकला कि ऑक्सफोर्डशायर की मध्यम गर्मी चूजों के लिए फायदेमंद है। दक्षिण यूरोप जैसी तेज गर्मी के मुकाबले यहां का हल्का गर्म मौसम कीड़ों की सक्रियता बढ़ा देता है, जिससे माता-पिता को आसानी से भोजन मिल जाता है और चूजों का वजन बढ़ता है।

जल्दी प्रजनन: कुदरत से लड़ने का कवचImage Credit : Canva06 / 07

जल्दी प्रजनन: कुदरत से लड़ने का कवच

प्रमुख शोधकर्ता देवी सातारकर के अनुसार, जिन पक्षियों ने बदलते मौसम के साथ तालमेल बिठाकर जल्दी अंडे देना शुरू कर दिया है, वे ज्यादा सुरक्षित हैं। जल्दी प्रजनन करने से चूजों को तब भोजन मिलता है जब कैटरपिलर बहुतायत में होते हैं, जो उन्हें मौसम के झटकों से बचने के लिए एक 'बफर' या सुरक्षा कवच देता है।

भविष्य की चुनौतियां और संरक्षणImage Credit : Canva07 / 07

भविष्य की चुनौतियां और संरक्षण

जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम और अधिक अनिश्चित होता जा रहा है, पक्षियों के लिए इस रफ्तार को पकड़ पाना मुश्किल होगा। यह शोध बताता है कि भविष्य में पक्षियों को बचाने के लिए हमें 'माइक्रोक्लाइमेट' (सूक्ष्म जलवायु) और घोंसलों (Nestboxes) के सही स्थान जैसी बारीकियों पर ध्यान देना होगा।

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