Black Hole: ब्लैक होल को अक्सर काल्पनिक रूप से “शांत अंतरिक्ष का डरावना दानव” कहा जाता है क्योंकि इसकी गुरुत्वाकर्षण इतनी तेज होती है कि प्रकाश भी बाहर नहीं निकल सकता। मगर वैज्ञानिकों ने ब्लैक होल के आसपास ध्वनि जैसी तरंगों का डेटा रिकॉर्ड किया है। यह दावा पहली बार तब सुर्खियों में आया जब NASA ने Chandra X-ray Observatory के डेटा को “सनिफिकेशन” तकनीक से ऑडियो में बदला। दरअसल, यह पारंपरिक अर्थों में आवाज नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष में मौजूद गर्म गैस और प्लाज़्मा में बनने वाली प्रेशर वेव्स (दाब तरंगें) हैं।
ब्लैक होल असल में अंतरिक्ष में एक बहुत घना क्षेत्र है जिस पर गुरुत्वाकर्षण इतना ज़ोरदार है कि प्रकाश भी इससे बाहर नहीं निकल सकता। यही वजह है कि इसे “ब्लैक” (अँधा) कहा जाता है।
अंतरिक्ष का अधिकतर भाग वैक्यूम होता है यानी हवा नहीं होती, इसलिए पारंपरिक साउंड वेव्स वहाँ नहीं फैल सकती। परंतु गैलेक्सी क्लस्टर जैसे क्षेत्रों में बहुत गर्म गैस मौजूद होती है।
जब कोई सुपरमैसिव ब्लैक होल गैस और मैटर को खींचता है या शक्तिशाली जेट (energy jets) निकालता है, तब यह आसपास की गैस में प्रेशर वेव्स बनाता है, जो एक तरह से साउंड-लाइक तरंगें हैं।
नासा के वैज्ञानिकों ने चंद्रा एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी से प्राप्त डेटा को सनिफिकेशन (sonification) तकनीक के ज़रिये इंसानी सुनने की श्रेणी में उठाया — यानी वे तरंगों को ओक्टेव बढ़ा कर सुना जा सकने वाला ऑडियो बनाया।
ये आवाज़ें मनुष्यों के कानों से सुनी जा सकें इसलिये उन्हें 57-58 ओक्टेव ऊपर उठाया गया — यह मूल स्वर कुछ 144 क्वाड्रिलियन से 288 क्वाड्रिलियन गुना ऊपर है। सुनने में यह एक अजीब-सा, गुनगुना और रहस्यमयी ध्वनि लगता है।
असल में ब्लैक होल खुद “आवाज़” पैदा नहीं करता, बल्कि यह गैस में बने प्रेशर वेव्स हैं जिन्हें वैज्ञानिक बाद में सुनने योग्य रूप में बदलते हैं। बिना गैस के, अंतरिक्ष में कोई पारंपरिक साउंड वेव नहीं फैल सकती।
ब्लैक होल से जुड़ी “आवाज़” सुनकर कई लोगों के मन में सवाल उठता है। क्या यह धरती के लिए किसी बड़े खतरे का संकेत है? वैज्ञानिकों के अनुसार इसका जवाब है नहीं। जिस ब्लैक होल की ध्वनि को रिकॉर्ड किया गया, वह हमसे करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर स्थित है, जैसे Perseus Galaxy Cluster में मौजूद सुपरमैसिव ब्लैक होल। इतनी विशाल दूरी के कारण उसका पृथ्वी पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता। NASA के मुताबिक, यह “आवाज” असल में गैस में बनी प्रेशर वेव्स का डेटा है, जिसे वैज्ञानिकों ने सुनने योग्य रूप में बदला है। यह कोई चेतावनी सिग्नल या खतरनाक घटना नहीं, बल्कि ब्रह्मांड को समझने का एक वैज्ञानिक तरीका है।