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मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं...दतिया में अब किसे धमका गए नरोत्तम मिश्रा?

Datia By Election: दतिया में नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) एक चुनावी सभा के दौरान सीधे प्रशासन को धमकाते दिखे। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वो कभी भी भूलते नहीं हैं।

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दतिया में चुनावी कार्यक्रम के दौरान बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा

Datia By Election: दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में भले ही नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) चुनावी मैदान में नहीं हैं, बीजेपी ने किसी और को टिकट दिया है, लेकिन इस सीट पर हर ओर चर्चा नरोत्तम मिश्रा की ही हो रही है। नरोत्तम मिश्रा का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वो सीधे तौर पर किसी को धमका रहे हैं। नरोत्तम मिश्रा कह रहे हैं कि वो दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखते हैं।

नरोत्तम मिश्रा ने किसे मंच से धमकाया?

नरोत्तम मिश्रा सीधे तौर पर यहां प्रशासन को धमका रहे थे। दरअसल जब नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा तो उनके समर्थक सड़क पर उतर आए थे। एनएच जाम कर दिया था, जिसे खुलवाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की थी। उसी को लेकर नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "मैं आपके सामने एक बात कहना चाहता हूं, पुलिसवाले ध्यान से सुनें, खासकर एसपी साहब...आपने गाड़ियां तोडी, आपको चक्का जाम खुलवाना था, खुलवाते, गैस के गोले कार्यालय में क्यों दागे? क्या कार्यालय की बिल्डिंग आ रही थी सड़क पर, एसपी साहब, मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं, याद रखता हूं, मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं।"

तीन तारीख का इंतजार

नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा कि तीन तारीख का इंतजार है। कार्यकर्ताओं पर केस लगाना और पीटना उन्हें बर्दाश्त नहीं है। दरअसल 3 तारीख को ही दतिया विधानसभा उपचुनाव का रिजल्ट आएगा। इसी तारीख को नरोत्तम मिश्रा एक तरह से डेडलाइन की तरह यहां बता रहे हैं।

नामांकन के दिन रो पड़े थे नरोत्तम मिश्रा

बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक तिवारी के नामांकन के दिन नरोत्तम मिश्रा रो पड़े थे। मंच पर सबके सामने नरोत्तम मिश्रा जहां एक और आशुतोष तिवारी के लिए वोट देने की अपील कर रहे थे, तो दूसरी ओर वो रो भी पड़े थे। दतिया नरोत्तम मिश्रा का गढ़ रहा है और वो यहां से जीतकर विधायक और मंत्री बनते रहे हैं, लेकिन इस बार बीजेपी ने उनका टिकट काट दिया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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