स्पेस स्टेशन से मैक्सिको और अमेरिका के ऊपर बादलों को चीरते हुए एक लाल 'टॉवरगुमा' आकृति को कैच किया गया है जिसे 'स्प्राइट' कहा जाता है। (फोटो साभार: @Astro_Ayers)
आसमान में दिखाई देने वाली रोशनी को खगोलविद 'स्प्राइट्स' कहते हैं। यह तूफानी बादलों में तेज बिजली की गतिविधि से बनने वाली बेहद दुर्लभ घटनाओं में से एक है। (फोटो साभार: @Astro_Ayers)
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की अंतरिक्ष यात्री निकोल वेपर एयर्स ने कैद किया। उन्होंने 'एक्स' पर तस्वीर को पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी भी साझा की। (फोटो साभार: @Astro_Ayers)
बकौल अंतरिक्ष यात्री एयर्स, स्प्राइट टीएलई या चमकदार घटनाएं बादलों के ऊपर होती हैं और जब नीचे गरजना होती है तो तीव्र विद्युत गतिविधि उसे ट्रिगर करती हैं। (फोटो साभार: @Astro_Ayers)
निकोल वेपर एयर्स ने बताया कि बादलों के ऊपर हमारा नजारा बहुत बढ़िया है, इसलिए वैज्ञानिक इस तरह की तस्वीरों का इस्तेमाल टीएलई के बनने की प्रक्रिया, विशेषताओं और गरजना के साथ होने वाले संबंधों को बेहतर ढंग से समझने के लिए कर सकते हैं। (फोटो साभार: @Astro_Ayers)
स्पेस डॉट कॉम के मुताबिक, स्प्राइट्स जैसे नजारों को कैद करना बेहद कठिन कार्य है, क्योंकि यह पलभर के लिए दिखाई देते हैं और अक्सर घने बादलों से छिप जाते हैं।
बकौल स्पेस डॉट कॉम, स्प्राइट्स की आधिकारिक खोज तब हुई थी जब नासा के अंतरिक्ष यान ने 90 के दशक की शुरुआत में इस घटना की पहली स्पष्ट तस्वीरें कैद की थीं, लेकिन रेड स्प्राइट्स का अध्ययन करना चुनौतीपूर्ण रहा।