बादलों के ऊपर लाल रंग का दिखा 'टॉवर'; अंतरिक्ष से कैद हुआ दुर्लभ नजारा

Rare Space Images: अंतरिक्ष में अक्सर कुछ ऐसे दुर्लभ नजारे दिखाई देते हैं जिसे देखकर अंतरिक्ष प्रेमी क्या, खगोलविद भी विस्मय से भर जाते हैं। हाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की एक अंतरिक्ष यात्री ने ऐसा ही एक दुर्लभ नजारा कैद किया जिसे देख आप भी मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। पृथ्वी से 421 किमी की ऊंचाई पर मौजूद अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से यह तस्वीर क्लिक की गई है जिसे 'स्प्राइट' कहा जाता है तो चलिए विस्तार से इसके बारे में समझते हैं।

Slideshow/s by: अनुराग गुप्ताUpdated Jul 5 2025, 20:57 IST
अंतरिक्ष से दुर्लभ नजारा हुआ कैदImage Credit : (फोटो साभार: @Astro_Ayers)01 / 07

अंतरिक्ष से दुर्लभ नजारा हुआ कैद

स्पेस स्टेशन से मैक्सिको और अमेरिका के ऊपर बादलों को चीरते हुए एक लाल 'टॉवरगुमा' आकृति को कैच किया गया है जिसे 'स्प्राइट' कहा जाता है। (फोटो साभार: @Astro_Ayers)

क्या है 'स्प्राइट'?Image Credit : (फोटो साभार: @Astro_Ayers)02 / 07

क्या है 'स्प्राइट'?

आसमान में दिखाई देने वाली रोशनी को खगोलविद 'स्प्राइट्स' कहते हैं। यह तूफानी बादलों में तेज बिजली की गतिविधि से बनने वाली बेहद दुर्लभ घटनाओं में से एक है। (फोटो साभार: @Astro_Ayers)

किसने कैद किया नजाराImage Credit : (फोटो साभार: @Astro_Ayers)03 / 07

किसने कैद किया नजारा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की अंतरिक्ष यात्री निकोल वेपर एयर्स ने कैद किया। उन्होंने 'एक्स' पर तस्वीर को पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी भी साझा की। (फोटो साभार: @Astro_Ayers)

बादलों के ऊपर कैसे बनी यह आकृत्ति?Image Credit : (फोटो साभार: @Astro_Ayers)04 / 07

बादलों के ऊपर कैसे बनी यह आकृत्ति?

बकौल अंतरिक्ष यात्री एयर्स, स्प्राइट टीएलई या चमकदार घटनाएं बादलों के ऊपर होती हैं और जब नीचे गरजना होती है तो तीव्र विद्युत गतिविधि उसे ट्रिगर करती हैं। (फोटो साभार: @Astro_Ayers)

मनमोहक नजाराImage Credit : (फोटो साभार: @Astro_Ayers)05 / 07

मनमोहक नजारा

निकोल वेपर एयर्स ने बताया कि बादलों के ऊपर हमारा नजारा बहुत बढ़िया है, इसलिए वैज्ञानिक इस तरह की तस्वीरों का इस्तेमाल टीएलई के बनने की प्रक्रिया, विशेषताओं और गरजना के साथ होने वाले संबंधों को बेहतर ढंग से समझने के लिए कर सकते हैं। (फोटो साभार: @Astro_Ayers)

चुनौतीपूर्ण है नजारा कैद करनाImage Credit : (फोटो साभार: @Astro_Ayers)06 / 07

चुनौतीपूर्ण है नजारा कैद करना

स्पेस डॉट कॉम के मुताबिक, स्प्राइट्स जैसे नजारों को कैद करना बेहद कठिन कार्य है, क्योंकि यह पलभर के लिए दिखाई देते हैं और अक्सर घने बादलों से छिप जाते हैं।

'स्प्राइट्स' की कब हुई थी खोज?Image Credit : (फोटो साभार: @Astro_Ayers)07 / 07

'स्प्राइट्स' की कब हुई थी खोज?

बकौल स्पेस डॉट कॉम, स्प्राइट्स की आधिकारिक खोज तब हुई थी जब नासा के अंतरिक्ष यान ने 90 के दशक की शुरुआत में इस घटना की पहली स्पष्ट तस्वीरें कैद की थीं, लेकिन रेड स्प्राइट्स का अध्ययन करना चुनौतीपूर्ण रहा।

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