आर्टेमिस II मिशन के चौथे दिन यानी 5 अप्रैल को ओरियन स्पेसक्राफ्ट के अंदर से पृथ्वी की यह पहली तस्वीर ली गई। तस्वीर में अंतरिक्ष यान की खिड़की का मोटा फ्रेम और उसमें लगे बोल्ट साफ नजर आ रहे हैं। इस हैवी-ड्यूटी विंडो के पार अंतरिक्ष के अंधेरे के बीच पृथ्वी का एक छोटा हिस्सा दिखाई दे रहा है। यह दृश्य कैप्सूल के डार्क इंटीरियर और बाहर मौजूद स्पेस के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से दिखाता है।
इस दूसरी स्लाइड में ओरियन कैप्सूल से ली गई पृथ्वी की एक पूरी तस्वीर (Full Disk Image) है। अंतरिक्ष के गहरे काले बैकग्राउंड में पृथ्वी एक चमकदार नीले गोले के रूप में तैरती दिख रही है। सूर्य की रोशनी रिफ्लेक्ट होने के कारण इसके कुछ हिस्से हल्के नीले और बेहद चमकीले नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर दिखाती है कि जैसे-जैसे क्रू चंद्रमा के करीब पहुंच रहा है, पृथ्वी का आकार विजुअली छोटा होता जा रहा है।
वैज्ञानिक दृष्टि से यह तस्वीर बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद सफेद बादलों का बड़ा चक्रवात और पैटर्न साफ देखा जा सकता है। तस्वीर की घड़ी के अनुसार 8 से 9 बजे की स्थिति में अफ्रीका महाद्वीप का एक विशाल भूरा भू-भाग नजर आ रहा है। यह स्पेस से पृथ्वी की भौगोलिक मैपिंग और बादलों की चाल को समझने के लिए एक बेहतरीन विजुअल है।
इस स्लाइड में पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव (तस्वीर में 1 बजे की पोजीशन पर) के ठीक ऊपर एक पतली, चमकदार हरी रेखा दिखाई दे रही है। यह 'औरोरा' (Aurora) यानी ध्रुवीय ज्योति है। यह घटना तब होती है जब सूर्य से आने वाले आवेशित कण (Charged Particles) पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र और वायुमंडल से टकराते हैं। अंतरिक्ष से इस औरोरा का कैप्चर होना आर्टेमिस II मिशन की बड़ी इमेजिंग उपलब्धियों में से एक है।
तस्वीर के डार्क साइड यानी जिस हिस्से में रात है, वहां का नजारा भी कैमरे में दर्ज हुआ है। स्पेन और पुर्तगाल वाले क्षेत्र (Iberian Peninsula) में इंसानी बस्तियों और बड़े शहरों की कृत्रिम रोशनी टिमटिमाती हुई रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा बादलों के बीच सीधी रेखाओं में चमकती बिजली भी दिखाई दे रही है, जो पृथ्वी के सक्रिय मौसम प्रणाली (Active Weather System) को दर्शाती है।
यह तस्वीर 5 अप्रैल को ली गई थी जब चारों अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से काफी दूर निकल चुके थे। आज यानी 6 अप्रैल को आर्टेमिस II का क्रू चंद्रमा के सबसे नजदीकी बिंदु (Closest Approach) पर पहुंच रहा है। स्पेसक्राफ्ट के डिस्प्ले कंसोल के पास वाली खिड़की से देखने पर पृथ्वी लगातार छोटी होती जा रही है, जो इस बात का संकेत है कि मिशन अपने अगले महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुका है।
इस अंतिम स्लाइड में पृथ्वी के उस हिस्से को दिखाया गया है जहां दिन और रात आपस में मिलते हैं। विज्ञान की भाषा में इस सीमा को 'टर्मिनेटर लाइन' (Terminator Line) कहा जाता है। तस्वीर में पृथ्वी के दोनों ध्रुवों पर एक साथ सूर्य की रोशनी पड़ रही है और उजाले से अंधेरे की तरफ जाती हुई यह कर्व्ड लाइन पृथ्वी की सटीक गोलाई को दर्शाती है। यह मिशन मानवता को दोबारा चंद्रमा पर ले जाने की दिशा में नासा का पहला क्रू-मिशन है।