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कीबोर्ड की शुरुआत Q से ही क्यों होती है? A से क्यों नहीं, 150 साल पुरानी है इसकी दिलचस्प कहानी

आप हर रोज लैपटॉप-कंप्यूटर पर कीबोर्ड का इस्तेमाल कर रहे होंगे लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कीबोर्ड की शुरुआत Q से ही क्यों होती है, A से क्यों नहीं? दरअसल इसकी कहानी 150 साल पुरानी है।

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कीबोर्ड की शुरुआत Q से ही क्यों होती है?

कंप्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले लगभग हर व्यक्ति ने कीबोर्ड देखा है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कीबोर्ड की पहली लाइन QWERTY से ही क्यों शुरू होती है? आखिर अक्षरों को A, B, C, D के क्रम में क्यों नहीं रखा गया? इसके पीछे करीब 150 साल पुरानी एक रोचक कहानी और तकनीकी वजह छिपी हुई है।

1870 के दशक में शुरू हुई QWERTY की कहानी

QWERTY कीबोर्ड लेआउट का विकास 1870 के दशक में अमेरिकी आविष्कारक क्रिस्टोफर लैथम शोल्स (Christopher Latham Sholes) ने किया था। उन्होंने टाइपराइटर के लिए ऐसा लेआउट तैयार किया, जो उस समय की सबसे बड़ी तकनीकी समस्या का समाधान कर सके।

A-B-C-D क्रम में क्यों नहीं बनाए गए बटन?

शुरुआती टाइपराइटर में अगर बार-बार इस्तेमाल होने वाले अक्षर एक-दूसरे के पास होते थे, तो टाइप करते समय मशीन की धातु की कुंजियां (Typebars) आपस में टकराकर फंस जाती थीं। इससे टाइपिंग रुक जाती थी और मशीन को बार-बार ठीक करना पड़ता था।

इसी समस्या को दूर करने के लिए अक्सर साथ में इस्तेमाल होने वाले अक्षरों को अलग-अलग जगह रखा गया। इस तरह Q, W, E, R, T, Y वाला लेआउट तैयार हुआ, जिससे टाइपबार के फंसने की संभावना काफी कम हो गई।

कैसे बन गया दुनिया का सबसे लोकप्रिय कीबोर्ड?

बाद में अमेरिकी कंपनी Remington ने इसी QWERTY लेआउट वाले टाइपराइटर का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया। धीरे-धीरे लोग इसी लेआउट के आदी हो गए। जब कंप्यूटर और लैपटॉप का दौर आया, तब भी यही लेआउट अपनाया गया ताकि पुराने टाइपिस्ट और नए यूजर्स को अलग सिस्टम सीखने की जरूरत न पड़े।

क्या QWERTY सबसे तेज कीबोर्ड लेआउट है?

तकनीकी एक्सपर्ट का मानना है कि QWERTY जरूरी नहीं कि सबसे तेज टाइपिंग के लिए सबसे बेहतर लेआउट हो। इसके बाद Dvorak और Colemak जैसे कई नए कीबोर्ड लेआउट भी विकसित किए गए, जिन्हें अधिक आरामदायक और तेज टाइपिंग के लिए डिजाइन किया गया था, हालांकि QWERTY की व्यापक लोकप्रियता और दशकों से चले आ रहे उपयोग के कारण ये लेआउट मुख्यधारा में अपनी जगह नहीं बना सके।

आज भी QWERTY ही क्यों है सबसे ज्यादा इस्तेमाल?

आज दुनिया के अधिकांश कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन और टैबलेट में QWERTY कीबोर्ड ही मिलता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि अरबों यूजर्स इसी लेआउट के साथ सहज हैं। सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और टाइपिंग की आदतें भी इसी के अनुरूप विकसित हो चुकी हैं।

यानी कीबोर्ड की शुरुआत Q से होना कोई संयोग नहीं, बल्कि 1870 के दशक में टाइपराइटर की तकनीकी समस्या का समाधान था। समय के साथ यही डिज़ाइन दुनिया का सबसे लोकप्रिय कीबोर्ड लेआउट बन गया और आज भी लगभग हर डिजिटल डिवाइस में इस्तेमाल किया जा रहा है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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