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₹2 से ₹200 का हुआ Multibagger Stock, 5 साल में 8256% रिटर्न, क्या अब भी कमाई का मौका?

बाजार की सुस्ती के दौर में यह स्टॉक 6 महीने में 70% से ज्यादा भाग चुका है। जब, प्राइस मोमेंटम को खंगाला, तो पता चला इसने 5 साल में 8256% रिटर्न दिया है।

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शेयर में ताबड़तोड़ तेजी

Multibagger Stock की तलाश में हैं। इस स्टॉक की कहानी बड़ी दमदार है। महज पांच साल में 2 रुपये का शेयर आज 200 से ऊपर चला गया है। 5 साल में डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर (Diamond Power Infrastructure) ने करीब 8,248% का रिटर्न दिया है। फिलहाल, यह शेयर अपने ऑल टाइम हाई ₹251.80 के आसपास ट्रेड कर रहा है। 5 साल पहले ₹1 लाख लगाने वाले निवेशक की रकम आज करीब ₹83 लाख से ज्यादा हो सकती थी। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि क्या इतनी तेज रैली के बाद भी इस शेयर में निवेश का मौका बचा है, या अब सावधानी बरतने का समय है?

क्या काम करती है कंपनी?

कंपनी के कारोबार पर नजर डालें, तो यह बिजली क्षेत्र (Power Sector) के लिए पावर केबल, कंडक्टर और ट्रांसफॉर्मर बनाती है। देश में बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार, ग्रीन एनर्जी और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के चलते इस सेक्टर में आने वाले वर्षों में अच्छी मांग रहने की उम्मीद है। यही वजह है कि बाजार कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक नजरिया रख रहा है। कंपनी का एक सकारात्मक पक्ष यह भी है कि प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 84% से अधिक है, जो प्रबंधन के भरोसे को दर्शाती है। वहीं, संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी अभी सीमित है। यदि भविष्य में कंपनी लगातार बेहतर नतीजे देती है तो बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना भी बन सकती है।

पिछला रिटर्न आगे ग्रोथ की गारंटी नहीं

हालांकि, केवल सेक्टर की ग्रोथ की संभावना और पिछले रिटर्न की कहानी निवेश का आधार नहीं हो सकती। दरअसल किसी भी मल्टीबैगर शेयर में सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर निवेश करना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि शेयर ऊपर क्यों गया और आगे उसके बढ़ने की कितनी गुंजाइश है। बहरहाल, Diamond Power Infrastructure के वित्तीय नतीजों में सुधार दिखा है। वित्त वर्ष 2026 में बिक्री बढ़कर ₹1,944 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹148 करोड़ तक पहुंच गया। पिछले कुछ वर्षों में घाटे से मुनाफे में लौटना कंपनी के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

तस्वीर का दूसरा पहलू भी देखें

भले ही कंपनी ने घाटे के बाद अब मुनाफा रिपोर्ट करना शुरू किया है। लेकिन, तस्वीर का दूसरा पहलू अहम है। कंपनी का P/E रेश्यो करीब 75 के आसपास है, जो बताता है कि बाजार पहले से ही कंपनी के भविष्य की अच्छी कमाई की उम्मीद को शेयर कीमत में शामिल कर चुका है। ऐसे में अगर आने वाली तिमाहियों में कंपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाती है, तो शेयर में तेज गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा ROE से पता चलता है कि कंपनी पिछले तीन साल से लगातार निवेशकों की पूंजी को गंवा रही है। FY 26 में ROI -26 रहा है। इसके अलावा कंपनी के डेटर डेज और वर्किंग कैपिटल डेज बढ़े हैं। इसका मतलब है कि ग्राहकों से भुगतान मिलने में पहले की तुलना में ज्यादा समय लग रहा है और कारोबार में ज्यादा पूंजी फंसी हुई है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहती है तो नकदी प्रवाह पर दबाव पड़ सकता है।

आगे कैसा प्रदर्शन कर सकता है शेयर?

फिलहाल, किसी बड़े ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक का कवरेज नहीं किया है। हालांकि, ब्रोकरेज सर्विस देने वाली यूनिवेस्ट ने अपने एक ब्लॉग में इस स्टॉक के लिए बुल, बेयर और बेस केस के हिसाब से 2030 तक टेक्निकल टारगेट दिए हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं।

वर्षBear CaseBase CaseBull Case
2027₹245₹270₹290
2028₹255₹300₹345
2030₹280₹375₹475
यदि आप नए निवेशक हैं, तो एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना और अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना अधिक समझदारी होगी। आखिरकार, शेयर बाजार में भविष्य का रिटर्न हमेशा पिछले रिटर्न जैसा हो, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

    डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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