ग्रीनलैंड शार्क का विज्ञानी नाम सोम्नीओसस माइक्रोसैफलस है। जिसका मतलब स्मॉलहेड स्लीपर होता है, लेकिन यह ध्रुवीय भालू को भी अपना भोजन बना लेती हैं। देखने में जितनी विशाल लगती हैं उतना ही ज्यादा इनका वजन होता है।
ग्रीनलैंड शार्क को बर्फीले पानी में रहना खूब भाता है। इसलिए माइनस तापमान में भी रहने वाली ये शार्क ग्रीनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और कनाडा में पाई जाती हैं।
आर्कटिक के ठंडे पानी लंबे समय तक रहने वाली एकमात्र ग्रीनलैंड शार्क 6500 फीट तक की गहराई में गोता लगा सकती है, लेकिन जितनी सुस्त यह शार्क होती है उतनी ही सुस्त पानी में इनकी रफ्तार भी होती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इनकी औसत रफ्तार लगभग 0.3 मीटर प्रति सेकंड होती है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीनलैंड शार्क का मांस जहरीला होता है। इनका मांस खाने पर मनुष्यों और कुत्तों को बिल्कुल शराब पीने जैसा नशा हो सकता है।
ग्रीनलैंड शार्क 300 से 500 साल तक जिंदा रह सकती हैं और इसके लिए मांसपेशियों की चयापचय गतिविधि को एक वजह हो सकती है। मैंचेस्टर यूनिवर्सिटी के एक पीएचडी छात्र ने एक रिसर्च के दौरान बताया था कि उम्र बढ़ने के बावजूद ग्रीनलैंड शार्क की चयापचय गतिविधि में कोई बदलाव नहीं आया, जबकि ज्यादातर प्राणियों में बदलाव होते हैं।
ग्रीनलैंड शार्क की लंबी उम्र का रहस्य उनके डीएनए में छिपा होता है। दरअसल, ग्रीनलैंड शार्क के डीएनए में विशेष प्रकार के जीन्स मौजूद होते हैं, जो डीएनए की मरम्मत में मदद करते हैं।