सुदूर अंतरिक्ष में 'तितली' सहित दिखीं ये चीजें, ESA ने साझा किया ब्रह्मांड का दुर्लभ नजारा

European Space Agency: ब्रह्मांड हमेशा से खगोलविद समेत तमाम लोगों को चकित करता रहता है। यूं तो अनंत ब्रह्मांड के अनेकों रहस्य हैं, लेकिन कुछ रहस्यों से पर्दा उठाने में खगोलविदों को कामयाबी हासिल हुई है। इन्हीं में से एक रहस्य ब्रह्मांड की अचंभित करने वाली संरचनाएं हैं, जिन्हें हम नेबुला के नाम से जानते हैं। धूल और गैस के मिश्रण से बनने वाली आकृत्तियां अलग-अलग ढंग की होती हैं। कभी अंतरिक्ष में केकड़ा दिखाई देता है तो कभी नेबुला तितली जैसे प्रतीत होते हैं तो चलिए यूरोपीय स्पेस एजेंसी द्वारा कैद किए गए ब्रह्मांड की दुर्लभ नजारों को देखते हैं।

Slideshow/s by: अनुराग गुप्ताUpdated Nov 9 2024, 12:36 IST
मंत्रमुग्ध करने वाला ब्रह्मांडीय नजाराImage Credit : European Space Agency01 / 06

मंत्रमुग्ध करने वाला ब्रह्मांडीय नजारा

Cosmos Rare Picture's: यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने हबल स्पेस टेलीस्कोप सहित अन्य टेलीस्कोप की मदद से कैप्चर की गई दुर्लभ ब्रह्मांडीय वस्तुओं की तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें नेबुला से लेकर स्टार क्लस्टर तक शामिल हैं। (फोटो साभार: ESA)

तितलीनुमा संरचना वाला नेबुलाImage Credit : European Space Agency02 / 06

तितलीनुमा संरचना वाला नेबुला

Butterfly Nebula: बटरफ्लाई नेबुला, जिसे एनजीसी 6302 के नाम से भी जाना जाता है, देखने में भले ही नाजुक प्रतीत हो रहे हैं, लेकिन इसके पंख 20,000 डिग्री सेल्सियस तक गर्म होते हैं और लगभग 10 लाख किमी प्रति घंटे की गति से फैलते हैं! इस नेबुला के केंद्र में एक मरता हुआ तारा है, जिसका द्रव्यमान हमारे सूर्य के द्रव्यमान से पांच गुना ज्यादा है। (फोटो साभार: ESA)

पिस्मिस 24 स्टार क्लस्टरImage Credit : European Space Agency03 / 06

पिस्मिस 24 स्टार क्लस्टर

Pismis 24 Star Cluster: पिस्मिस 24 स्टार क्लस्टर हमारी घरेलू मिल्की-वे आकाशगंगा के कुछ सबसे भारी तारों की मेजबानी करता है, जो एनजीसी 6357 नामक नेबुला में मौजूद है। इन दिग्गन तारों से निकलने वाली तीव्र यूवी विकिरण की वजह से आसपास की गैस रोशन हो रही है, जिससे एक ब्रह्मांडीय बुलबुला बनता है। (फोटो साभार: ESA)

NGC 6380 ग्लोबुलर क्लस्टरImage Credit : European Space Agency04 / 06

NGC 6380 ग्लोबुलर क्लस्टर

NGC 6380 Globular Cluster: NGC 6380 ग्लोबुलर क्लस्टर एक तारकीय अवशेष है, जो पृथ्वी से लगभग 35,000 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। यह डन 538 और टोनेंटजिंटला 1 सहित विभिन्न नामों से जाना जाता है, जिसे पहली बार 1826 में देखा गया था। (फोटो साभार: ESA)

NGC 6153 ग्रहीय नेबुलाImage Credit : European Space Agency05 / 06

NGC 6153 ग्रहीय नेबुला

NGC 6153 Planetary Nebula: एनजीसी 6153 ग्रहीय नेबुला पृथ्वी से लगभग 4,000 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है, जो सूर्य जैसे तारे के अवशेषों से निर्मित हुआ है और देखने में नीले धुंध सा प्रतीत होता है। एनजीसी 6153 का अंडाकार रूप लूप और फिलामेंट से बना हुआ है। (फोटो साभार: ESA)

आणविक बादल L1527 Image Credit : European Space Agency06 / 06

आणविक बादल L1527

Molecular Cloud L1527: एल1527 नामक आणविक बादल पृथ्वी से लगभग 460 प्रकाश वर्ष दूर वृषभ तारामंडल में स्थित है, जो ब्रह्मांडीय रसायन विज्ञान से भरा हुआ है। इसकी नीली और तंतुमय संरचनाएं पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन नामक कार्बनिक यौगिकों से बनी हैं, जबकि लाल केंद्र गैस और धूल का एक ऊर्जावान बादल है और सफेद क्षेत्र PAHs, आयनित गैस और अन्य अणुओं का मिश्रण है! (फोटो साभार: ESA)

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