यह पेड़ इतना बड़ा है कि इसके नीचे काजू के नॉर्मल साइज के 70 पेड़ समा सकते हैं। इसने कुल 8400 स्क्वायर मीटर का इलाका घेरा हुआ है।
कहा जाता है कि पिरांगी काजू के पेड़ को साल 1888 में एक स्थानीय मछुआरे ने यहां लगाया था, जिनका 93 वर्ष की उम्र में इसी पेड़ के नीचे निधन हुआ था।
जानकारों का मानना है कि जितना बड़ा काजू का यह पेड़ है, उसे देखते हुए इसकी उम्र 1000 साल से ज्यादा होगी। चाहे जो कहानी सही हो, लेकिन इतना तो साफ है कि काजू का यह पेड़ कोई साधारण पेड़ नहीं है।
ब्राजील के रियो ग्रांडे-डो-नोर्टे में मौजूद पिरांगी कैश्यू ट्री को दुनिया का सबसे बड़ा काजू का पेड़ माना जाता है। काजू का यह पेड़ 500 मीटर यानी आधे किमी के दायरे में फैला हुआ है।
दुनिया के इस सबसे बड़े काजू के पेड़ पर हर साल 60 हजार से ज्यादा काजू फलते हैं। इस तरह से देखा जाए तो साल भर में इस पेड़ पर 400 किलो से ज्यादा काजू होते हैं। यही कारण है कि ब्राजील आने वाले पर्यटक इस पेड़ को देखने भी जाते हैं। हर साल करीब 3 लाख पर्यटक इस पेड़ को देखने पहुंचते हैं।
दरअसल पेड़ की शाखाएं ऊपर की ओर जाने की बजाए तिरछी हैं और जहां, जमीन को छूती हैं वहां जड़ें आ जाती हैं। इस तरह से यह लगातार फैलता रहता है। आज इस पेड़ की सबसे पुरानी शाखा या तने को खोज पाना भी मुश्किल है।