Air Force One: कौन करता है ट्रंप के 'उड़ते किले' का रखरखाव; हजारों फीट ऊपर से भी दुश्मनों पर रहती है पैनी नजर

दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्कों में शुमार अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के विमान में अचानक आई तकनीकी खराबी ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रयोग में लिए जाने वाले एयरफोर्स वन को दुनिया का सबसे सुरक्षित और ताकतवर विमान माना जाता है। उसकी सुरक्षा और खासियतों के कारण ही इसे उड़ता किला भी कहते हैं। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति की दावोस यात्रा के लिए जाते समय इस विमान में कुछ खराबी आ गई, जिसके कारण उड़ान के कुछ मिनटों में ही ट्रंप को यूटर्न लेना पड़ा। हालांकि बाद में वे दूसरे बैकअप विमान से दावोस के लिए रवाना हुए। जहां आज वे अपना संबोधन देंगे। एयरफोर्स वन में खराबी के बाद अमेरिकी राष्टट्रपति की सुरक्षा से जुड़े तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि एयर फोर्स वन कितना ताकतवर है? इस विमान की खासियत क्या है? इसकी देखरेख कौन करता है? साथ ही यह भी कि क्या Air Force One भी असुरक्षित हो सकता है? और यह राष्ट्रपति के लिए कितनी बड़ी चुनौती बन सकता है?​

क्या है एयरफोर्स वन
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क्या है एयरफोर्स वन?

एयरफोर्स वन हमेशा से दुनिया के सामने अमेरिका की ताकत का प्रतीक रहा है। पहले अमेरिकी वायुसेना के जिस विमान में राष्ट्रपति सफर करते थे, उसे ही एयरफोर्स वन कहा जाता था। यह एक कॉलसाइन होता है। हालांकि 20वीं सदी में राष्ट्रपति की सुरक्षा को देखते हुए बोइंग 747-200बी सीरीज के विमानों को खास सुविधाओं से लैस किया गया। इसमें सुरक्षा का व्यापक ध्यान रखा गया। एयरफोर्स वन विमान में पीछे की ओर 28000 और 29000 कोड लिखा होता है। इस विमान की सुरक्षा इसे सबसे ताकतवर विमान बनाती है। यह अत्याधुनिक संचार प्रणाली, मिसाइल सिस्टम से लैस है। यह 45 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।

एयर फोर्स वन की खासियतें
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​एयर फोर्स वन की खासियतें​

यह विमान मिसाइल हमलों से बचाव के लिए उन्नत रक्षा प्रणालियों से लैस है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेज़र (ECM) लगे हैं जो दुश्मन के रडार और मिसाइलों को भ्रमित कर सकते हैं। इसमें अत्याधुनिक सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम है, जिससे राष्ट्रपति दुनिया के किसी भी कोने से सुरक्षित रूप से बातचीत कर सकते हैं या आदेश जारी कर सकते हैं। विमान में एक मिनी अस्पताल है जिसमें ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं और एक डॉक्टर हमेशा साथ रहता है।अंदरूनी हिस्सा बेहद शानदार हैस इसमें राष्ट्रपति का निजी कार्यालय, कॉन्फ्रेंस रूम, स्टाफ के लिए कार्यक्षेत्र, और प्रेस के लिए अलग सेक्शन है। इसलिए इसे उड़ता हुआ व्हाइट हाउस भी कहा जाता है।यह विमान हवा में ही ईंधन भर सकता है, जिससे यह बिना रुके बहुत लंबी दूरी तय कर सकता है।इसकी अधिकतम गति लगभग 1,000 किमी/घंटा है और यह लगभग 13,000 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है।इसका नीला-सफेद रंग संयोजन और United States of America लिखा रहता है, जिससे इसे तुरंत पहचाना जा सकता है।

रखरखाव कौन करता है
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रखरखाव कौन करता है?

एयर फोर्स वन की देखभाल किसी एक एजेंसी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह बहु-स्तरीय सुरक्षा और तकनीकी निगरानी का मामला है। इसकी सीधी जिम्मेदारी प्रेसिडेंशियल एयरलिफ्ट ग्रुप के पास होती है, जो सीधे व्हाइट हाउस मिलिट्री ऑफिस के अधीन काम करता है। विमान संचालन से लेकर सुरक्षा प्रोटोकॉल तक, हर कदम पर इसी ग्रुप की निगरानी रहती है। यूएस एयर फोर्स की विशेष यूनिट 89th Airlift Wing इसकी देखरेख करती है। यही, एयर फोर्स वन के लिए प्रशिक्षित पायलट, फ्लाइट क्रू और तकनीकी स्टाफ उपलब्ध कराती है। वहीं, बोइंग जिसने इस उड़ते किले को बनाया है वो इसे तकनीकी सपोर्ट देता है। हर उड़ान से पहले कई स्तर की जांच होती है।मेंटेनेंस स्टाफ को हाई-लेवल सुरक्षा क्लीयरेंस मिलता है। हालांकि ट्रंप प्रशासन अब मौजूदा विमानों को बदलकर उनकी जगह पर नए विमान लाना चाहता है। इसकी जिम्मेदारी भी बोइंग के ही पास है, लेकिन मौजूदा एयर फोर्स वन विमानों का संचालन, रखरखाव और सुरक्षा पूरी तरह अमेरिकी वायुसेना और व्हाइट हाउस के ही अधीन है।

दावोस के लिए उड़ान भरने के बाद क्या हुआ
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दावोस के लिए उड़ान भरने के बाद क्या हुआ?

दरअसल, मंगलवार शाम को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने स्विटरलैंड के दावोस के लिए एयरफोर्स वन से उड़ान भरी थी, हालांकि रवाना होने के करीब एक घंटे बाद ही विमान ज्वाइंट बेस एंड्रयूज लौट आया। बाद में व्हाइट हाउस ने इसमें तकनीकी खराबी की सूचना दी। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि रवाना होने के बाद मामूली इलेक्ट्रीक तकनीकी समस्या सामने आई। इसको देखते हुए सुरक्षा कारणों से ट्रंप को यूटर्न लेना पड़ा। विमान में सवार एक रिपोर्टर ने बताया कि टेकऑफ के बाद प्रेस केबिन की लाइटें कुछ देर के लिए बंद हो गई थीं, हालांकि उस समय कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया था। करीब एक घंटे बाद बताया गया कि विमान वापस लौट रहा है। राष्ट्रपति और उनकी टीम दूसरे विमान में सवार होकर स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होगी।

क्या थी खराबी और कितनी गंभीर
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​क्या थी खराबी और कितनी गंभीर?

जैसा कि व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि एयरफोर्स वन विमान में कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं थी। उनके मुताबिक, ये मामूली इलेक्ट्रिक तकनीकी समस्या थी। वापस लौटने का फैसला टेकऑफ के तुरंत बाद लिया गया।

क्या विमान में खराबी से राष्ट्रपति की जान खतरे में पड़ सकती है
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क्या विमान में खराबी से राष्ट्रपति की जान खतरे में पड़ सकती है?

नहीं, एयरफोर्स वन विमानों में खतरे की गुंजाइश बेहद कम होती है। किसी भी खतरे की आशंका होने पर बैकअप विमान हमेशा तैयार रहता है। तकनीकी दिक्कत पर उड़ान तुरंत रद्द या बदली जाती है। इसके अलावा, इस विमान की संचार प्रणाली बहुत खास है। यह ऐसी है कि विमान कितनी भी ऊंचाई पर उड़ रहा हो राष्ट्रपति तुरंत सेना या व्हाइट हाउस से संपर्क कर सकते हैं। अब आगे क्या?अमेरिका नए VC-25B Air Force One पर काम कर रहा है, जिससे कि पुराने विमानों को बदला जा सके। सुरक्षा और भरोसेमंद बने और तकनीकी सीमाएं खत्म हों।​​

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