दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे बन जाने से दिल्ली और कटरा की दूरी मौजूदा 727 किमी से घटकर 588 किमी रह जाएगी और यह दूरी सिर्फ 6 घंटे में तय हो जाएगी। दिल्ली और अमृतसर की दूरी भी 405 किमी रह जाएगी, जिसे 4 घंटे में तय कर लिया जाएगा।
दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे की कुल लंबा 550 किमी है और यह पूरा एक्सप्रेसवे 4 लेन का बनाया जा रहा है। जमीन अधिग्रहण के मुद्दे सुलझा लिए जाते हैं तो इस एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से अगले साल तक बनकर तैयार हो जाएंगे।
दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को अलग-अलग पैकेज में बनाया जा रहा है। पैकेज 8-11 तक पंजाब में ही हैं और यहीं पर कुछ जगहों पर जमीन अधिग्रहण का काम नहीं हो पाया है।
लुधियाना और जालंधर जिले में दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर काम चल रहा है। यहां कुछ इलाकों में अर्थवर्क हो चुका है, जबकि कई जगह रेलवे और हाइवे क्रॉसिंग के लिए पीयर वर्क भी चल रहा है। हालांकि, इन्हीं जिलों में लैंड एक्विजिशन के कुछ मामले भी हैं।
संगरूर में भवानीगढ़ के पास 36.9 किमी लंबे पैकेज 7 की शुरुआत होती है, जो मलेरकोटला तक जाता है। पैकेज 7 की शुरुआत में रोड लेइंग का काम पूरा हो चुका है। हालांकि, कुछ दूर जाने पर अभी अर्थवर्क का ही काम चल रहा है। पैकेज-7 पर करीब 30 किमी का काम पूरा हो चुका है। पैकेज 7 में भी जमीन अधिग्रहण के मुद्दे हैं।
Delhi-Katra Expressway पर जालंधर जिले में नाकोदर से ही अमृतसर के लिए एक अलग 99 किमी का लिंक दिया जाएगा, जिसके कारण इस एक्सप्रेसवे को Delhi-Amritsar-Katra Expressway कहा जाता है।
बालेवाल गांव के पास पैकेज-8 की शुरुआत होती है, जो 35 किमी लंबा है। इस पैकेज पर ज्यादातर अर्थवर्क का ही काम किया जा रहा है। पैकेज 9 की कुल लंबाई 43.04 किमी है। एक्सप्रेसवे NH-5 के ऊपर से जाएगा। यहां इंटरचेंज बनाया जाना है, लेकिन अभी काम शुरू नहीं हुआ।
दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के पैकेज- 10 की लंबाई 15.5 किमी, जबकि पैकेज-11 कुल 43.02 किमी का है। दोनों पैकेज पर अर्थवर्क का काम चल रहा है, जबकि कई जगहों पर सड़क भी बनकर तैयार है। हालांकि, इन दोनों पैकेज में कई जगह अभी काम शुरू भी नहीं हुआ है।