क्लस्टर बम एक ऐसा हथियार है जो हवा में फटकर कई छोटे-छोटे विस्फोटकों में टूट जाता है। एक ही मिसाइल से दर्जनों बमलेट अलग-अलग जगहों पर गिरते हैं। इसी वजह से यह हथियार बड़े इलाके को एक साथ निशाना बनाने में सक्षम होता है।
सामान्य बम जहां एक जगह पर विस्फोट करता है, वहीं क्लस्टर बम कई जगहों पर धमाके कर सकता है। इसके छोटे बमलेट अलग-अलग दिशाओं में गिरते हैं और बड़े इलाके में नुकसान पहुंचाते हैं। यही वजह है कि इसे बेहद खतरनाक हथियार माना जाता है।
क्लस्टर बम का वारहेड जमीन तक पहुंचने से पहले ही हवा में खुल जाता है। इसके बाद इसके अंदर मौजूद छोटे बम तेजी से चारों तरफ फैल जाते हैं। कुछ ही सेकंड में पूरा इलाका विस्फोटों की चपेट में आ सकता है।
कई देशों की सेनाएं क्लस्टर बम का इस्तेमाल बड़े सैन्य ठिकानों या सैनिकों की बड़ी टुकड़ी को निशाना बनाने के लिए करती हैं। एक ही हमले में यह बड़े इलाके को कवर कर सकता है। इसी वजह से युद्ध में इसे प्रभावी हथियार माना जाता है।
क्लस्टर बम के कई छोटे विस्फोटक तुरंत नहीं फटते। ये जमीन पर पड़े रहते हैं और बाद में भी फट सकते हैं। ऐसे में युद्ध खत्म होने के बाद भी आम लोगों के लिए खतरा बना रहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्लस्टर बम युद्ध के बाद भी खतरा पैदा करते हैं। जमीन पर पड़े बमलेट कई सालों तक सक्रिय रह सकते हैं। यही वजह है कि मानवाधिकार संगठन लंबे समय से इनके इस्तेमाल का विरोध करते रहे हैं।
क्लस्टर बम के खतरों को देखते हुए कई देशों ने इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। 2008 में क्लस्टर म्यूनिशन कन्वेंशन के तहत कई देशों ने इस हथियार को गैरकानूनी घोषित किया। हालांकि दुनिया के कुछ बड़े सैन्य देश अब भी इस संधि का हिस्सा नहीं हैं।