अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए ऐतिहासिक निजी अंतरिक्ष उड़ान, एक्सिओम मिशन 4 (एक्स-4) (Axiom Mission 4) बुधवार को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होगी। नासा और स्पेसएक्स के सहयोग से एक्सिओम स्पेस ने इस मिशन को तैयार किया है।
एक्सिओम 4 मिशन का प्राथमिक उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन करना है। इसमें मानव स्वास्थ्य, माइक्रोग्रैविटी और जैविक प्रणालियों पर शोध, साथ ही जीवन के लिए जरूरी प्रणालियों का परीक्षण और मेडिकल स्टडी करना शामिल है।
मिशन का उद्देश्य व्यवसाय और अनुसंधान के लिए प्लेटफॉर्म के रूप में कमर्शियल अंतरिक्ष स्टेशनों की व्यवहार्यता का प्रदर्शन करना भी है। इसके अलावा, एक्स-4 का उद्देश्य अंतरिक्ष अन्वेषण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
इसमें कई देशों के अंतरराष्ट्रीय क्रू मेंबर शामिल हैं और यह कमर्शियल और वैश्विक अंतरिक्ष एक्सप्लोरेशन में एक बड़ा कदम है। इससे कमर्शियल अंतरिक्ष मिशनों और साझेदारियों को बढ़ावा मिलेगा।
भारत के लिहाज से खास बात ये है कि इसमें भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला भी रवाना हो रहे हैं। किसी भी भारतीय एस्ट्रोनॉट की आईएसएस के लिए ये पहली उड़ान होगी। इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
एक्सिऑम-4 वाणिज्यिक मिशन का नेतृत्व कमांडर पैगी व्हिटसन कर रही हैं, जिसमें शुभांशु शुक्ला मिशन पायलट हैं और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री टिबोर कपू व पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की मिशन विशेषज्ञ हैं।
इस मिशन के तहत प्रक्षेपण 29 मई 2025 को होना था लेकिन फाल्कन-9 रॉकेट के बूस्टर में तरल ऑक्सीजन के रिसाव और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के पुराने रूसी मॉड्यूल में भी रिसाव होने का पता चलने के बाद पहले इसे आठ जून, फिर 10 जून और फिर 11 जून के लिए टाल दिया गया।
इसके बाद प्रक्षेपण की योजना फिर 19 जून के लिए टाल दी गई और फिर नासा द्वारा रूसी मॉड्यूल में मरम्मत कार्यों के बाद कक्षीय प्रयोगशाला के संचालन का आकलन करने के लिए प्रक्षेपण की तिथि 22 जून तय की गई।
यह Axiom Space के विस्तारित कार्यक्रम के तहत ISS के लिए चौथा निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन है, जो कमर्शियल अंतरिक्ष मिशनों और साझेदारियों में बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय रुचि का संकेत देता है।
यह मिशन फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र के ‘लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए’ से प्रक्षेपित किया जाएगा। इसकी लॉन्चिंग पर पूरी दुनिया विशेष तौर पर भारत की नजरें लगी हुई हैं।